परमाणु भट्टियों में काम जारी रहेगा

परमाणु भट्टी
Image caption ऐसी परमाणु भट्टियों मे पैदा की गई ऊर्जा महंगी भी होती है

बर्लिन में राजनीतिज्ञों और उद्योगपतियों की एक उच्च स्तरीय बैठक में फ़ैसला लिया गया है कि समयसीमा ख़त्म होने के बावजूद जर्मनी अपनी परमाणु भट्टियों में काम जारी रखेगा.

जर्मनी की पिछली सरकार ने कहा था कि वो इन भट्टियों में दस वर्षों के भीतर एक-एक कर काम बंद कर देगी.

लेकिन अब कुछ परमाणु भट्टियाँ 2035 तक चालू रहेंगी.

इस बैठक की अध्यक्षता जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने की.

इसमें तय किया गया है कि इन भट्टियों का कार्यकाल क्रमबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा और ऐसा करते हुए ये ध्यान रखा जाएगा कि भट्टियाँ शुरू कब हुईं और उनका सुरक्षा रेकॉर्ड कैसा है.

जर्मनी में शुरू हुई बहस में परमाणु भट्टियों का समर्थन कर रहे उद्योगपतियों के ख़िलाफ़ वो पर्यावरणविद् थे जो चाहते हैं कि ये भट्टियाँ बंद कर दी जाएँ.

चांसलर मर्केल के दफ़्तर में इस विषय पर बैठक 10 घंटों तक चली और उस दौरान दफ़्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए.

Image caption ऊर्जा के वैकल्पिक साधन की कमी के चलते परमाणु भट्टियों मे ऊर्जा पैदा की जाती है

जर्मन मीडिया में आ रही ख़बरों के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने कहा है कि जर्मनी की 17 परमाणु भट्टियों को उनकी मियाद पूरी हो जाने के बाद भी अगले 12 सालों तक चालू रखा जाएगा.

तय किया गया है कि पुरानी भट्टियों को आठ सालों तक काम में लाया जाए जबकि तुलनात्मक दृष्टि से जो ज्यादा नई और आधुनिक हैं, उनमें अगले 14 सालों तक काम किया जाए.

परमाणु संयंत्रों का भविष्य

जर्मनी में परमाणु भट्टियों का भविष्य हमेशा से ही एक विवादित विषय रहा है.

इस विषय पर चांसलर मर्केल की गठबंधन सरकार के भीतर ही विभाजन है.

इससे पहले हुए समझौते में ये तय हुआ था कि इन भट्टियों में काम 2020 तक क्रमबद्ध तरीके से बंद कर दिया जाएगा.

लेकिन हाल में चांसलर मर्केल ने कहा कि अभी जर्मनी में वैकल्पिक ऊर्जा के साधन तैयार नहीं हुए हैं इसलिए उनका विचार है कि अगले 15 सालों तक मौजूदा भट्टियों में काम जारी रखा जाए.

जर्मनी की ऊर्जा नीति की समीक्षा के तहत सरकार ने ये तय किया है कि वो परमाणु ऊर्जा पर नए कर लगाएगी.

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