क़ाबुल बैंक: शेयरधारकों की संपत्ति 'फ़्रीज़'

  • 8 सितंबर 2010
क़ाबुल बैंक
Image caption क़ाबुल बैंक अफ़ग़ानिस्तान का सबसे बड़ा व्यावसायिक बैंक है

अफ़ग़ानिस्तान के केंद्रीय बैंक ने देश के सबसे बड़े निजी व्यावसायिक बैंक क़ाबुल बैंक के शेयरधारकों की संपत्ति को 'फ़्रीज़' कर दिया है यानी उसके लेन-देन या बिक्री पर रोक लगा दी है.

रिपोर्टों के अनुसार इन शेयरधारकों में बैंक के पूर्व चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी भी हैं.

पिछले कुछ दिन से काबुल बैंक के डूबने की आशंकाओं के बीच बड़ी संख्या में खाताधारकों के बीच पैसा निकालने के होड़ लगी हुई है.

काबुल में बैंक की प्रमुख शाखा से अपना पैसा निकालने के लिए खाताधारकों की लंबी क़तारें देखी गईं. बैंक के बाहर मशीनगनों के साथ सशस्त्र पुलिस और उसके पिक-अप ट्रक तैनात हैं.

इस बैंक में खाता रखने वालों में देश के ढाई लाख सरकारी कर्मचारी शामिल हैं. जब से बैंक के तो उच्चस्तरीय निदेशक भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच बैंक छोड़कर गए हैं, तब से बैंक संकट की स्थिति में है.

बैंक के चेयरमैन शेर ख़ान फ़रनूद और मुख्यकार्यकारी ख़लीलुल्लाह फ्रूज़ का हिस्सा 28-28 प्रतिशत है.

उनके साथ-साथ कई शेयरधारकों और बड़े कर्ज़ लेने वालों के खातों से लेन-देन पर रोक लगा दी गई है.

राष्ट्रपति हामिद करज़ई के एक भाई और एक उप राष्ट्रपति के भी भाई इस बैंक के बड़े शोयरधारकों में हैं.

ये क़दम उस समय उठाया गया है जब अफ़ग़ानिस्तान के केंद्रीय बैंक ने क़ाबुल बैंक को पूरी मदद का आश्वासन दिया है.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

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