'ब्रिटेन पर आतंकवादी हमले का ख़तरा'

  • 17 सितंबर 2010
ब्रिटेन के सुरक्षाकर्मी
Image caption ईवान्स का कहना है कि ब्रिटेन के हज़ारों सुरक्षाकर्मी इन ख़तरों से लड़ने में अप्रत्यक्ष रुप से जुटे हैं.

ब्रिटेन के खुफ़िया विभाग ‘एमआई5’ ने ब्रिटेन की सुरक्षा को लेकर चेतावनी दी है कि देश में किसी भी वक्त आतंकवादी हमला हो सकता है.

एमआई5 के प्रमुख जोनाथन ईवान्स का कहना है कि सोमलिया और यमन के चरमपंथी देश के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं.

ईवान्स ने चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि अमरीका पर हुए 9/11 के हमले के बाद अलग-अलग अपराधों के लिए पकड़े गए अभियुक्त अपनी सज़ा पूरी कर जेलों से छूट रहे हैं. इन्हें लेकर ख़तरा आज भी बना हुआ है.

उन्होंने कहा,'' हम जानते हैं कि इनमें से कई कैदी आज भी चरमपंथी हैं और संभावना है कि जेलों से छूट कर वो एक बार फिर इन गतिविधियों में शामिल हो जाएंगे.''

ईवान्स का कहना है कि हमलों और सुरक्षा की दृष्टि से इन कैदियों पर कड़ी नज़र रखना ज़रूरी होगा.

नए ख़तरे

ईवान्स का मानना है कि ब्रिटेन की सुरक्षा को लेकर सोमलिया और यमन जैसे देश एक बड़ी चुनौती के रुप में उभर रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को अपने लिए सबसे बड़ी चुनौती मानते हुए एमआई5 प्रमुख ने कहा, ''आंतकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई पहले से मज़बूत और बेहतर हुई है लेकिन फिर भी ब्रिटेन पर एक घातक हमले का खतरा मंडरा रहा है. मुझे नहीं लगता कि जल्द इस स्थिति में कोई सुधार होगा.''

ईवान्स का कहना है कि इन ख़तरों ने निपटने के लिए ब्रिटेन के हज़ारों सुरक्षाकर्मी प्रत्यक्ष रुप से कड़ा संघर्ष कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि हर महीने खुफ़िया विभाग के मुख्यालय में अलग-अलग ज़रियों से सुरक्षा और ख़तरों से जुड़ी कई प्रमुख जानकारियां आती हैं.

ईवान्स कहते हैं, ''मिल रही जानकारियों के आधार पर हम यह कह सकते हैं कि ब्रिटेन पर हमले को लेकर साज़िश जारी है.''

Image caption ईवान्स कहते हैं सोमलिया और यमन जैसे देश ब्रिटेन के लिए चुनौती के रुप में उभर रहे हैं.

पाकिस्तान की सीमा में मौजूद चरमपंथी संगठनों के बारे में बात करते हुए ईवान्स ने कहा कि आधिकारिक तौर पर पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान से जुड़े ख़तरों की संख्या 70 फ़ीसदी तक थी. आज ये घटकर 50 फ़ीसदी हो गई है.

उन्होंने कहा कि ख़तरों के तार अब पाकिस्तान कि बजाय सोमालिया के चरमपंथियों से जुड़े हैं.

'निराशा ही होगी'

ईवान्स कहते हैं, ''ब्रिटेन के रहने वाले कई लोग सोमालिया के अल-शबाब जैसे चरमपथीं कैंपों में प्रशिक्षण ले रहे हैं.'' इनका मकसद ब्रिटेन में रह कर उसके खिलाफ़ हमलों की साज़िश करना है.

ईवान्स का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में अमरीकी मीडिया की तर्ज पर हम भी ये मानने लगे हैं की आंतकवाद की किसी भी घटना को रोकना संभव है. अगर ऐसा नहीं होता है तो वो सरकार की नाकामी है.

उन्होंने कहा, ''ख़तरों के खिलाफ़ रणनीति बनाई जा सकती है उन्हें कम किया जा सकता है लेकिन अगर हम उन्हें सौ फ़ीसदी खत्म करने की कल्पना करते हैं तो हमें निराशा ही होगी.''

संबंधित समाचार