'इस्लामिक केंद्र के विकल्पों पर विचार'

इमाम फ़ैसल अब्दुल रऊफ़

ग्राउंड ज़ीरो पर इस्लामिक केंद्र बनाने की योजना के सूत्रधार इमाम फ़ैसल अब्दुल रऊफ़ का कहना है कि वे अभी इस परियोजना के सभी विकल्पों पर और सोच विचार कर रहे हैं.

इमाम रऊफ़ ये तो कह चुके है कि इस्लामिक केंद्र की योजना न्यूयॉर्क शहर और सारे मुसलिम जगत को गौरवशाली बनाएगी, लेकिन इसी सप्ताहांत पर उन्होंने ये भी कहा कि मौजूदा संकट के निपटारे के लिए वे अभी और विचार करेंगे.

द काउंसिल फॉर फोरेन रिलेशन नाम के एक संगठन को संबोधित करते हुए इमाम ने कहा कि वो इस्लाम और अमरीका के संबंधों को देखते हुए इस विवाद का निपटारा करना चाहते हैं.

इमाम रऊफ ने ये भी कहा कि क़ुरान जलाने की घटना को अगर अंजाम दे दिया गया होता तो अमरीका में चरमपंथी हमलों का ख़तरा और बढ़ जाता.

इमाम रऊफ़ ने पादरी टैरी जोन्स के इन दावों को भी ग़लत ठहराया जिनमें उन्होंने कहा था कि कुरान जलाने की अपनी योजना को उन्होंने तब रद्द किया जब उन्हें इमाम ने ये आश्वासन दिया कि इस्लामिक केंद्र को कहीं और बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस्लामिक केंद्र को किसी और जगह पर बनाने के बारे में विचार करें तो अतिवादी मुसलमान इस मुद्दे पर और संगठित हो जाएंगे.

आलोचना

इस परियोजना के आलोचक भी यही कह रहे हैं कि 11 सितंबर के हमलों में लगभग 2800 लोग जिस जगह पर अल क़ायदा के हमलों में मारे गए थे उसी जगह के नज़दीक इस्लामिक केंद्र बनाना आपत्तिजनक हो सकता है.

11 सितंबर, 2001 के हमलों की नवीं बरसी पर न्यूयॉर्क में हज़ारों लोगों ने इस परियोजना के समर्थन और विरोध में मार्च किया था. फ्लोरिडा के एक छोटे से चर्च के पादरी टैरी जोन्स की 11 सितंबर की नवीं बरसी पर कथित तौर पर कुरान की प्रतियां जलाने की योजना के बाद इस्लामिक केंद्र को लेकर विवाद तूल पकड़ गया था.

हालांकि बाद में उन्होंने ये योजना हमेशा के लिए रद्द कर दी थी.

इमाम रऊफ़ ने कहा कि उन्हें और इस योजना के समर्थकों को अगर ये अंदाज़ा होता कि ये विवाद इतना बढ़ जाएगा तो हो सकता है कि इस योजना पर पुनर्विचार किया जाता.

संबंधित समाचार