इसराइली ग्रुप की नेतन्याहू को चेतावनी

हिलेरी क्लिंटन, बेंजामिन नेतान्याहू, महमूद अब्बास
Image caption पहले हुई ऐसी ही एक वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला था.

इसराइल के दक्षिणपंथी गुट ने चेतावनी दी है कि यदि नेतन्याहू सितंबर के अंत तक इन बस्तियों में बड़े भवनों के निर्माण की अनुमति नहीं देंगे तो वो अपना समर्थन वापस ले लेंगे.

इधर इसराइल और फ़लस्तीनी नेता एक बार फिर मिस्र के शर्म अल शेख में मुलाक़ात की तैयारी कर रहे हैं जहां वे वार्ता के नतीजों का विस्तृत ब्योरा देंगे.

फ़लस्तीनी प्रभाव वाली भूमि पर बसी यहूदी बस्तियों के मुद्दे को उन सबसे विवादास्पद विषयों में से एक माना जा रहा है जो कि वार्ता प्रक्रिया में अवरोध उत्पन्न कर सकते हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा समेत दुनिया भर के कई नेता पहले ही इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से अपील कर चुके हैं कि वे बस्तियों में निर्माण कार्य पर लगी आंशिक रोक को कुछ समय के लिए और बढ़ा दें क्योंकि वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का सबसे सही रास्ता यही हो सकता है.

मध्य पूर्व के अंतरराष्ट्रीय दूत पूर्व ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर का कहना है,'' राष्ट्रपति ओबामा का ये वक्तव्य बहुत ही बुद्धिमत्तापूर्ण है कि बस्तियों पर निर्माण कार्य पर रोक की सीमा को बढा़ना ही वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का सबसे आसान और साफ़ रास्ता होगा.'' टोनी ब्लेयर किसी शांति समझौते को लेकर अब भी काफ़ी आशान्वित हैं लेकिन इसराइल के दक्षिणपंथी समूहों ने चेतावनी दी है कि इस मुद्दे पर बातचीत विफल हो सकती है.

चेतावनी

इसरायल की येशा परिषद काफी प्रभावशाली और राजनीतिक रूप से सशक्त है.

इस परिषद में क़रीब चार लाख इसराइली हैं जो कि पश्चिमी तट की बस्तियों और पूर्वी यरुशलम में रहते हैं.

परिषद बिन्यामिन नेतन्याहू और उनके दक्षिणपंथी गठबंधन की समर्थक है.

लेकिन परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि नेतन्याहू सितंबर के अंत तक पूर्वी यरुशलम की बस्तियों में बड़े भवनों के निर्माण की अनुमति नहीं देंगे तो वो अपना समर्थन वापस ले लेगी.

परिषद का दावा है कि उस स्थिति में नेतन्याहू की गठबंधन सरकार गिर जाएगी.

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