ब्रिटेन तीसरी दुनिया का देश: पोप के सलाहकार

कार्डिनल वाल्टर कैस्पर
Image caption वेटिकन का कहना है कि कार्डिनल वाल्टर कैस्पर स्वास्थ्य कारणों से ब्रिटेन नहीं जा रहे हैं

पोप के एक वरिष्ठ सलाहकार कार्डिनल वाल्टर कैस्पर विवादास्पद टिप्पणी के बाद पोप के साथ ब्रिटेन यात्रा पर नहीं जा रहे हैं.

पोप की ये यात्रा गुरुवार से शुरू हो रही है और इसे कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है.

उनके न जाने की घोषणा जर्मनी की एक पत्रिका में उनके इंटरव्यू के प्रकाशित होने के बाद की गई जिसमें कहा जा रहा है कि कार्डिनल वाल्टर कैस्पर ने कहा था कि ब्रिटेन तीसरी दुनिया का देश जैसा नज़र आता है.

उन्होंने जर्मन पत्रिका फ़ोकस से बातचीत में कहा,'' जब आप हीथ्रो हवाई अड्डे पर उतरते हैं तो कई बार लगता है कि आप किसी तीसरी दुनिया के देश में आ गए हैं.''

ख़बरों के अनुसार उन्होंने ब्रिटिश एयरवेज़ की भी आलोचना की और कहा कि 'यदि आप क्रास पहनते हैं तो आपके साथ भेदभाव बरता जाता है.'

वेटिकन की सफ़ाई

वेटिकन ने सफ़ाई दी है कि कार्डिनल पोप के साथ नहीं जा रहे हैं क्योंकि वे अस्वस्थ हैं.

साथ ही कहा है कि कार्डिनल का इरादा ब्रिटेन के बहुसांस्कृतिक समाज का अपमान करने का बिल्कुल नहीं था.

ग़ौरतलब है कि कार्डिनल कास्पर वो चर्चों के विभाग के प्रमुख हैं.

पोप गुरुवार से शुरु होने वाली चार दिवसीय यात्रा में स्कॉटलैंड और इंग्लैंड जाएंगे.

रोम स्थित बीबीसी संवाददाता डेविड विली का कहना है कि पोप की यात्रा के ठीक पहले कार्डिनल का कथित बयान थोड़ा फूहड़ है लेकिन इससे पोप की यात्रा पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ेगा.

इधर ब्रिटिश एयरवेज़ ने कार्डिनल के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है और कहा है कि उन्हें एयरलाइन के बारे में ग़लत जानकारी है.

एक बयान में ब्रिटिश एयरवेज़ ने कहा है,'' ये पूरी तरह से ग़लत है कि हम ईसाइयों या फिर किसी अन्य धर्म के लोगों के साथ भेदभाव करते हैं.''

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