वॉशिंगटन डायरी

डॉलर
Image caption अमरीका में आमदनी 22 हज़ार डॉलर से नीचे हो, तो आप ग़रीबी रेखा के नीचे आ जाएंगे.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा की तारीख़ तय हो गई है.

राष्ट्रपति ओबामा सात नवंबर से नौ नवंबर तक भारत में होंगे और उसके बाद वह इंडोनेशिया जाएंगे.

लेकिन यह मालूम नहीं हो सका है कि वह दिल्ली और अमृतसर के अलावा भारत में और कहाँ जाएंगे.

अब तक राष्ट्रपति के दौरे पर वॉशिंगटन में कोई चर्चा नहीं हो रही थी.

लेकिन अचानक इस घोषणा के बाद से ओबामा प्रशासन भारत को अधिक महत्त्व देने लगा है.

भारत के व्यापार और उद्योग मंत्री आनंद शर्मा भी मंगलवार को भारत-अमरीकी व्यापार पॉलिसी मंच की बैठक में भारतीय दल का नेतृत्व करेंगे.

अमरीका की ग़रीबी रेखा

अमरीका के जनगणना ब्यूरो की और से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक अमरीका में ग़रीबी पिछले पचास सालों में सब से अधिक है.

सन 2008-2009 के आर्थिक संकट के कारण अमरीका में सात में से एक व्यक्ति ग़रीबी रेखा के नीचे रह रहा है.

आंकड़ो के मुताबिक अमरीका में ग़रीबी रेखा से नीचे रहने वालों की संख्या चार करोड़ 44 लाख हो गई है.

लेकिन अमरीका की ग़रीबी रेखा भारत की ग़रीबी रेखा से बहुत ऊपर है.

चार सदस्यों वाले परिवार की सालाना आमदनी 22 हज़ार डॉलर से नीचे आ जाने पर वह परिवार ग़रीबी रेखा के नीचे आ जाता है.

पिछले पचास सालों में अमरीका में इतनी अधिक ग़रीबी नहीं देखी गई.

टैक्सी से अंतरिक्ष-यात्रा

अगर आपके पास ढेर सारे पैसे हों और आप साहसिक कार्य पसंद करते हों तो आप टैक्सी पर बैठ कर अंतरिक्ष जा सकते हैं.

जी हां, छह साल बाद अंतरिक्ष के लिए टैक्सी सर्विस उपलब्ध हो सकेगी.

एक अमरीकी कंपनी ने बोईंग स्पेस एड्वेंचर लिमिटेड कंपनी के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है, जिसके अनुसार वह पाँच से छह साल के अन्दर आम आदमी को अंतरिक्ष की यात्रा पर ले जाने वाले रॉकेट तैयार करेंगी.

स्पेस एड्वेंचर लिमिटेड ने अब तक सात लोगों को अंतरिक्ष की यात्रा करवाई है, लेकिन यह यात्रा काफी महँगी थी.

एक यात्री को एक सीट के लिए चार करोड़ डॉलर देना पड़ा था.

लेकिन अब दोनों कंपनियों की कोशिश यही है कि यह यात्रा सभी के लिए सस्ती हो.

अंतरिक्ष की यात्रा कितनी सस्ती होगी इस पर दोनों कंपनियों की राय मालूम नहीं हो सकी.

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