ऐसी भी क्या जल्दी

बस
Image caption अंजन कुमार ने जल्दबाज़ी मे ये गुल खिलाया

पुलिस को लगा कि ये एक बड़ा मामला है क्योंकि कोई यकायक नगर परिवहन सेवा की भारी भरकम लो फ्लोर बस लेकर चंपत हो गया.

पुलिस ने नाकाबंदी की तो बिहार का अंजन कुमार सिंह बस के साथ धरा गया.

पूछा तो बहुत ही मासूमियत के साथ हँसते-हँसते बोला "सर जाने की ज़रा जल्दी थी."

पुलिस ने अजंन को गिरफ्तार कर सोमवार को अदालत में पेश किया जहां से उसे केंद्रीय जेल भेज दिया गया.

माथे पर शिकन नहीं

बस का चालक बस अड्डे पर वाहन खड़ा कर नीचे गया और कंडक्टर लघु शंका के लिए चला गया.

वापस लौटे तो पर बस को नदारद पाकर दोनों के होश उड़ गए.

फ़ौरन पुलिस को सूचना दी गई.

पुलिस ने शहर में नाकेबंदी कराई. लेकिन तब तक अजंन कोई सात-आठ किलोमीटर का मार्ग तय कर चुका था.

पुलिस ने थोड़ी देर में ही उसे पकड़ा लिया.

पुलिस के मुताबिक उस समय बस में केवल एक सवारी थी और वो भी अजंन को देखकर उतर गई.

अजंन बिहार का है और जयपुर में रंग रोगन का काम करता है.

उसे बस स्टार्ट ही मिली, क्योंकि लो फ्लोर बस को उस पर रौशनी से प्रदर्शित होते मार्गो के नाम की नुमाइश के लिए चालू ही रखा जाता है.

पुलिस वाले हैरान थे लेकिन अजंन के माथे पर कोई शिकन नहीं थी.

वह यही कहता रहा कि उसे जाने की जल्दी थी.

जयपुर की शिप्रा पथ पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि अजंन को चोरी के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.

गनीमत है अजंन को कहीं दूर देश नहीं जाना था वरना हवाई जहाज़......

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