चीन ने जापान से संबंध तोड़े

  • 20 सितंबर 2010
चीनी जलपोत
Image caption चीन कप्तान पर मुक़दमे को अवैधानिक बता रहा है

एक चीनी जलपोत के कप्तान की गिरफ़्तारी से उपजे विवाद के बाद चीन ने जापान से अपने सभी शीर्ष संबंध निलंबित करने की घोषणा की है.

चीन के सरकारी मीडिया ने कहा है कि मंत्रिमंडलीय और प्रांतीय स्तर पर सभी संबंध निलंबित कर दिए गए हैं जिसमें विमानन और कोयले को लेकर चल रही चर्चा भी शामिल है.

इससे पहले जापान की एक अदालत ने जलपोत के कप्तान की हिरासत की अवधि बढ़ाने का फ़ैसला किया था.

इस कप्तान को पूर्वी चीन के समुद्र में जलपोतों की टक्कर के बाद हिरासत में लिया गया था.

यह टक्कर एक विवादास्तद द्वीप के पास हुई थी. इस द्वीप को चीन में दियाओयू के नाम से जाना जाता है और जापान में सेनकाकू के नाम से.

इस पर दोनों देश दावा करते हैं, हालांकि रणनीतिक रुप से महत्वपूर्ण यह द्वीप जापान के अधीन है.

चेतावनी

जापान की अदालत के इस फ़ैसले के बाद कि कप्तान के हिरासत की अवधि दस दिन और बढ़ाई जाती है, चीन ने जापान को कड़े क़दम उठाने की चेतावनी दी थी.

चीनी विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि इस फ़ैसले से 'चीन-जापान के द्विपक्षीय संबंधों को बहुत नुक़सान पहुँचा है'.

इस बयान में कहा गया है, "चीन कई बार दोहरा चुका है कि जापान यदि कप्तान पर कोई भी अदालती कार्रवाई करता है तो यह अवैधानिक और अमान्य होगा."

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मा ज़ाओक्सू ने कहा है, "हम मांग करते हैं कि जापान जलपोत के कप्तान को तुरंत और बिना शर्त लौटाए. यदि जापान ग़लत राह पर चलना जारी रखता है तो चीन कड़े क़दम उठाएगा और जापान को इसके लिए तैयार रहना चाहिए."

जबकि जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने नोरियुकी शिकाता ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा है, "ये अलग-अलग मामले हैं और इसे लेकर शांति के साथ प्रतिक्रिया व्यक्त करनी चाहिए भावुकता के साथ नहीं."

चीन अपने 41 वर्षीय कप्तान झान क्विक्ज़ियांग की रिहाई की मांग कर रहा है. उन्हें जलपोतों की टक्कर के बाद गत आठ सितंबर को गिरफ़्तार किया गया था.

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