कश्मीर में हिंसा तत्काल रुके: संयुक्त राष्ट्र

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भारत प्रशासित कश्मीर में तत्काल हिंसा समाप्त करने की अपील की है.

सवालों के जवाब में बान की मून के प्रवक्ता मार्टिन नेसिर्की ने कहा,'' महासचिव को हाल में हुई मौतों पर खेद है और उन्होंने हिंसा तत्काल समाप्त करने और संबंधित सभी पक्षों से शांति और संयम बरतने की अपील की है.''

इसके पहले पाकिस्तानी संसद ने सोमवार को एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें भारत प्रशासित कश्मीर पर सुरक्षाबलों की गोलीबारी पर गंभीर चिंता जताई थी और पाकिस्तान सरकार से इस मामले को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने को कहा था.

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली और सीनेट में पारित प्रस्ताव में कहा गया था कि कश्मीरी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार के संघर्ष को पाकिस्तान 'नैतिक, राजनीतिक और कूटनीतिक' समर्थन देना जारी रखेगा.

सर्वसम्मति से पारित इस प्रस्ताव में कहा गया था, " यह सदन भारतीय क्रूरता की कड़ी निंदा करता है जिसकी वजह से हाल के दिनों में सौ से अधिक कश्मीरी युवक, पुरुष, महिलाएँ और बच्चे शहीद हुए हैं."

इस प्रस्ताव के ज़रिए पाकिस्तान सरकार से आग्रह किया गया था कि वो भारत प्रशासित कश्मीर में मानवाधिकार हनन के मामले को संयुक्त राष्ट्र सहित सभी अंतरराष्ट्रीय फ़ोरम में उठाए.

भारत की नाराज़गी

इस पर भारत ने सख़्त नाराज़गी जताते हुए इसे भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप बताया था

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने मंगलवार को एक बयान में कहा था, '' हमने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली और सीनेट में जम्मू-कश्मीर पर मंजूर किए गए प्रस्तावों के बारे में खबरें देखी हैं. हम इन प्रस्तावों को ख़ारिज करते हैं.''

विष्णु प्रकाश ने कहा कि इसकी बजाए पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर के अपने 'अवैध क़ब्ज़े' वाले हिस्से में मानवाधिकारों के उल्लंघन, संवैधानिक संरक्षण, लोकतंत्र, 'आतंकवाद' और उग्रवाद जैसे मामले हल करने पर ध्यान देना चाहिए.

भारत के प्रवक्ता का कहना था कि भारत, पाकिस्तान के साथ सच्ची भावना से अच्छे पड़ोसी रिश्ते रखने का इच्छुक है.

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