पाक करेगा आफ़िया की रिहाई की कोशिश

डॉक्टर आफ़िया सिद्दीक़ी
Image caption आफ़िया के समर्थन में पाकिस्तान की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा है कि वो आफ़िया सिद्दीक़ी की रिहाई के लिए अमरीकी अधिकारियों पर दबाव डालेंगे.

पाकिस्तान की वैज्ञानिक डॉक्टर आफ़िया सिद्दीक़ी को अमरीकी सैनिकों को मारने के प्रयास करने के जुर्म में गुरूवार को 86 साल क़ैद की सज़ा सुनाई गई.

गिलानी ने कहा कि आफ़िया पाकिस्तान की बेटी हैं और उन्हें पाकिस्तान के हवाले करने के लिए अमरीका पर दबाव डाला जाएगा.

आफ़िया को अमरीकी अधिकारियों ने उस समय हिरासत में लिया था जब उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान में "अमरीकी मुर्दाबाद" कहते हुए एक बंदूक़ से गोली चलाई थी.

अमरीका में अभियोजन पक्ष ने आफ़िया सिद्दीक़ी को अल-क़ायदा का हमदर्द क़रार दिया था और उनको उम्र क़ैद दिए जाने की मांग की थी.

इस साल फ़रवरी में जब उन्हें दोषी क़रार दिया गया था तब पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए थे.

आफ़िया के वकील का कहना है कि वो दिमाग़ी तौर पर अस्वस्थ्य हैं.

डॉक्टर आफ़िया एक न्यूरो वैज्ञानिक हैं.

उन्होंने अमरीका के सम्मानित संस्थान मैसेच्युसेट्स इंस्टीच्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की थी.

बाद में ख़बरों के मुताबिक़ उन्होंने अमरीका में 9/11 हमले को अंजाम देने वाले चरमपंथियों के प्रमुख ख़ालिद शेख़ मोहम्मद के एक रिश्तेदार से शादी कर ली थी.

कराची से बीबीसी संवाददाता रियाज़ सुहैल ने कहा कि आफ़िया सिद्दीक़ी की बहन डॉक्टर फ़ौज़िया सिद्दीक़ी के अनुसार आफ़िया को सज़ा देने से अमरीका को ही हर तरह से नुक़सान पहुंचेगा.

उनकें मुताबिक़ इस सज़ा ने ये साबित कर दिया है कि अमरीका अपनी जिस न्याय प्रणाली पर गर्व करता है, अब मायने नहीं रखता है और ये अमरीका के पतन की निशानी है.

कराची में पत्रकारों से बातचीत के दौरान फ़ौज़िया सिद्दीक़ी ने विश्वास जताया कि आफ़िया की रिहाई के लिए शुरु की गई मुहिम अब एक आंदोलन का रूप ले लेगी और वो आफ़िया को अमरीका से वापस लेकर लौटेंगी.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार दो दिन पहले डॉक्टर फ़ौज़िया सिद्दीक़ी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसूफ़ रज़ा गिलानी और आंतरिक मामलों के मंत्री रहमान मलिक से मुलाक़ात की थी. रहमान मलिक ने अमरीका को एक ख़त लिखकर डॉक्टर आफ़िया को पाकिस्तान के हवाले करने की अपील की थी.

शांति की अपील

आफ़िया सिद्दीक़ी के मामले ने दुनिया भर के मानवधिकार संगठनों का ध्यान आकर्षित किया था. आफ़िया के परिवार ने आरोप लगाया था कि जेल में आफ़िया को यातनाएं दी गई थी.

लेकिन आफ़िया ने अदालत में सुनवाई के दौरान जेल में प्रताड़ना की बात से इंकार किया. आफ़िया के अनुसार,'' ये एक झूठ है जो मुसलमानों के बीच फैलाया जा रहा है.''

उन्होंने कहा कि ''मैं कोई ख़ून ख़राबा नहीं चाहती, कोई ग़लतफ़हमी नहीं चाहती. मैं सिर्फ़ युद्ध समाप्त कर शांति क़ायम करना चाहती हूँ.''

आफ़िया को सुनाई गई सज़ा के विरोध में पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन हुए हैं.

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