अहमदीनेजाद के बयान पर वॉक आउट

अहमदीनेजाद
Image caption अहमदीनेजाद के संबोधन ने अमरीका और कई अन्य देशों को नाराज़ किया

संयुक्त राष्ट्र महासभा की सालाना बैठक में ईरान के राष्ट्रपति की ओर से 9/11 हमलों को अमरीकी साज़िश का हिस्सा क़रार दिए जाने पर अमरीका के नेतृत्व में 30 से ज़्यादा पश्चिमी देशों ने सभा से वॉक आउट किया.

महासभा के 65वें अधिवेशन के पहले दिन अपने भाषण के दौरान ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने कहा कि कुछ लोग 11 सितंबर के हमलों को मध्य-पूर्व पर अपनी पकड़ मज़बूत करने और इसराइल को बचाने की अमरीकी साज़िश के हिस्से के तौर पर देखते हैं.

अमरीका ने ईरानी राष्ट्रपति के इस बयान को घटिया और गुमराह करने वाला क़रार दिया .

अहमदीनेजाद के भाषण के दौरान जब अमरीका ने वॉक आउट किया तो दूसरे 32 देशों ने भी अमरीका का साथ देते हुए वॉक आउट कर दिया जिनमें यूरोपीय संघ के सारे सदस्यों के अलाना कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और कॉस्टा रिका शामिल थे.

विचलित नहीं

बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता जोनाथन मॉरकस के अनुसार ईरानी राष्ट्रपति ने इस विरोध का ज़रा भी ख़्याल नहीं किया और अपने भाषण में इसराइल और उसकी नीतियों को निशाना बनाते रहे.

अहमदीनेजाद ने कहा कि ईरान अगले साल चरमपंथ के मुद्दे पर एक कांन्फ़्रेस का आयोजन करेगा. उन्होंने कहा कि 2011 को परमाणु निरस्त्रीकरण के साल के रूप में मनाया जाना चाहिए.

अहमदीनेजाद ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कुछ सदस्यों की नज़र में परमाणु बम और परमाणु ऊर्जा एक जैसी चीज़ें हैं.

उन्होंने कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के ग़ैर ज़रूरी दबाव में नहीं आएगा.

ईरानी राष्ट्रपति के इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए संयुक्त राष्ट्र में अमरीका के दूत मार्क कॉरनबलौ ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से बातचीत में कहा," ईरानी जनता की सदभावना और चाहत का प्रतिनिधित्व करने के बजाए अहमदीनेजाद ने एक दफ़ा फिर साज़िश की वकालत की है जो बहुत ही घिनौना और भ्रम फैलाने वाला है."

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के भाषण के ठीक बाद बोलते हुए अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सभी देशों से इसराइल और फ़लस्तीन के बीच दो सितंबर से शुरु हुई सीधी बातचीत का समर्थन करने का आग्रह किया.

ओबामा ने कहा कि जो लोग एक आज़ाद फ़लस्तीनी राष्ट्र की मांग कर रहे हैं, उन्हें इसराइल को तबाह करने की बात नहीं करनी चाहिए.

ओबामा ने इसराइल से पश्चिमी किनारे और पूर्वी यरुशलम में नई बस्ती बनाने पर तुरंत रोक लगाने की मांग की.

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