'9/11 हमलों की जांच कराए संयुक्त राष्ट्र'

Image caption अमरीका और ईरान के संबंधों में कटुता आई हुई है..

ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की आलोचना को खारिज करते हुए कहा है कि वो अपने इस बयान पर कायम हैं कि 9/11 के हमले खुद अमरीका की साज़िश हैं और संयुक्त राष्ट्र चाहे तो इसकी विस्तृत जांच करा सकता है.

इससे पहले ओबामा ने अहमदीनेजाद के इस दावे को ‘घृणित’ और ‘आक्रामक’ क़रार दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि दुनिया के अधिकतर लोग मानते हैं कि 11 सितंबर के हमले अमरीकी सरकार ने ही कराए थे.

अहमदीनेजाद ने ओबामा के इस बयान का जवाब देते हुए कहा है कि संयुक्त राष्ट्र अपने जांच दल के ज़रिए उनके इस दावे की सच्चाई की जांच कर सकता है.

राष्ट्रपति ओबामा ने अहमदीनेजाद के इस दावे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

बीबीसी फ़ारसी टीवी को दिए एक साक्षात्कार में ओबामा ने कहा कि न्यूयॉर्क में ऐसा बयान देना ही अक्षम्य है क्योंकि इसी शहर के कई लोग उस घटना में मारे गए थे.

बीबीसी का फ़ारसी टीवी ईरान और अफ़ग़ानिस्तान में देखा जाता है.

अहमदीनेजाद ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में ये बात कही थी. उन्होंने कहा था कि ‘‘हो सकता है कि अमरीकी सरकार ने ही ये 11 सितंबर के हमले करवाएं हों ताकि गिरती हुई अमरीकी अर्थव्यवस्था और मध्य पूर्व में कमज़ोर होती अपनी पकड़ को रोक सकें, यहूदी प्रशासन को बचा सकें.’’

यहूदी प्रशासन से अहमदीनेजाद का इशारा संभवत इसराइल की तरफ़ था क्योंकि वो पहले भी इसराइली सरकार को इसी नाम से पुकार चुके हैं.

राष्ट्रपति ओबामा ने अहमदीनेजाद की आलोचना की लेकिन साथ ही कहा कि अमरीका ईरान के लोगों के साथ है क्योंकि नौ सिंतबर की घटना पर ईरान के आम लोगों का रुख़ अलग है.

ओबामा का कहना था, ‘‘ईरान में लोगों ने मोमबत्तियां जलाई थीं 11 सितंबर के मृतकों के लिए और उन्होंने इसका शोक मनाया था. सहानुभूति प्रकट की थी. ये दिखाता है कि ईरानी नेतृत्व कैसे काम करता है और मुझे लगता है कि आम जनता इन मुद्दों पर अलग सोचती है.’’

ओबामा ने कहा, ‘‘ राष्ट्रपति अहमदीनेजाद का बयान आक्रामक था, घृणा से भरा हुआ था. उनका मैनहट्टन में ये कहना सर्वथा अनुचित था क्योंकि जहां वो ये भाषण दे रहे थे उससे कुछ ही दूरी पर कई लोगों की मौत हुई थी. हर धर्म के लोग उस घटना में मारे गए थे. उनका यह बयान क्षमा योग्य नहीं है.’’

11 सितंबर को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर विमानों से किए गए हमले में तीन हज़ार लोगों की मौत हो गई थी और हज़ारों लोग घायल हुए थे.

इंटरव्यू में ओबामा का कहना था कि अमरीका अफ़ग़ानिस्तान में सैनिक भले ही कम कर रहा हो हो लेकिन वो अफ़ग़ानिस्तान को बुरे हाल में छोड़ कर नहीं जाएगा.

उनका कहना था, ‘‘ हम देख रहे हैं कि अफ़ग़ानी सुरक्षा बलों को ट्रेनिंग मिल रही है. पुलिस को ट्रेनिंग मिल रही है. आम लोग देश निर्माण से जुड़ रहे हैं. स्थितियां बेहतर हो रही हैं.’’

अमरीका और ईरान के बीच परमाणु गतिविधियों के कारण तनाव का माहौल रहा है.

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