डेनिश दूतावास पर हमले के आरोपी बरी

Image caption पैग़ंबर मोह्हम्म्द पर छपे कार्टूनों के बाद पाकिस्तान में व्यापक तौर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे

पाकिस्तान की एक अदालत ने उन तीनों व्यक्तियों को छोड़ दिया है जो इस्लामाबाद में डेनमार्क दूतावास पर हुए आत्मघाती कार बम हमले में शामिल बताए गए थे.

जून 2008 में इस्लामाबाद में डेनिश दूतावास के सामने हुए उस हमले में 6 लोग मारे गए थे.

प्रमुख सरकारी वकील मोहम्म्द तैय्यब ने बताया कि न्यायाधीशों ने कहा है कि उन तीनों व्यक्तियों के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत नहीं थे.

मोहम्मद तैय्यब का कहना था कि अभियोक्ता पक्ष अदालत के इस फ़ैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देगा.

उनका कहना था, " हम ये मानते हैं कि ये मुकदमा काफ़ी मज़बूत है और हमें यक़ीन है कि हाई कोर्ट हमारे सबूतों पर एक बार फिर ग़ौर करके फ़ैसला हमारे ही हक़ में देगा."

उल्लेखनीय है कि डेनिश समाचार पत्रों में पैग़ंबर मोहम्मद पर कार्टून छपने की घटना के बाद हुए इस हमले की उस हमले की ज़िम्मेदारी अलक़ायदा ने स्वीकार की थी.

पैगंबर मोहम्मद का मखौल उड़ाने वाले उन कार्टूनों पर भड़के विरोध को देखते हुए डेनमार्क ने पाकिस्तान में अपना दूतावास अस्थाई रूप से बंद कर दिया था.

पाकिस्तान में पिछले कुछ सालों में अलक़ायदा और तालेबान से जुड़े चरमपंथियों ने हज़ारों लोगों को हमलों में मार दिया है.

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