नेतन्याहू की अब्बास से वार्ता जारी रखने की अपील

Image caption इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने फ़लस्तीनियों से शांति की अपील की है

इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से अपील की है कि वो यहूदी बस्तियों ने निर्माण पर लगी रोक ख़त्म हो जाने के बाद भी शांति प्रक्रिया से अलग न हों.

फलस्तीनी पक्ष ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर इसराइल पश्चिमी तट पर यहूदी बस्तियां बनाने पर लगी रोक को आगे नहीं बढ़ाता तो शांति वार्ता का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा.

एक अरबी अख़बार को दिए इंटरव्यू में फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि वो शांति वार्ता से जुड़ा कोई भी फ़ैसला करने से पहले अरब के अपने सहयोगियों से विचार विमर्श करेंगे.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने वार्ताओं को बचाने के लिए इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से दो बार फोन पर बात की है.

इसराइल में कब्जे़ वाले वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियों के निर्माण पर लगी रोक ख़त्म होते ही लोग जश्न मना रहे हैं जबकि प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने संयम बरतने की अपील की है.

रेवावा बस्ती में लोगों ने एक नए स्कूल का शिलान्यास भी कर दिया है और वहां बैलून छोड़े गए और खुशियां मनाई गई हैं. असल में बस्तियों पर लगी रोक की समयसीमा ख़त्म होने से कुछ घंटे पहले ही लोगों ने खुशियां मनानी शुरु कर दी थीं.

अगर इसराइल नई यहूदी बस्तियों के निर्माण पर रोक को आगे नहीं बढ़ाता है तो इसराइल और फ़लस्तीनी प्रशासन के बीच कई महीनों के बाद शुरु हुई शांति प्रक्रिया खटाई में पड़ सकती है.

प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने लोगों से अपील की है कि वो वेस्ट बैंक में नई यहूदी बस्तियां बनाने पर लगी रोक ख़त्म होने के बाद संयम बरतें.

फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने पहले ही साफ़ कर दिया है कि अगर इस रोक को बढ़ाया नहीं जाता तो इसराइल के साथ बातचीत ‘समय नष्ट’ करने के लिए होगी.

इसराइल का कहना है कि यहूदी बस्तियों पर लगी रोक को वार्ता से नहीं जोड़ना चाहिए जबकि अमरीका कोशिश कर रहा है कि दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता हो जाए.

इसराइली प्रधानमंत्री के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि ‘‘प्रधानमंत्री जूडिया और समारिया ( वेस्ट बैंक के यहूदी नाम) के निवासियों से और सभी राजनीतिक नेताओं से अपील करते हैं कि वैसा ही संयम बरतें जैसा उन्होंने पिछले दस महीनों में बरता है जब निर्माण कार्य रुका हुआ था.’’

अमरीका के दबाव में पिछले नवंबर महीने में इसराइल ने नई यहूदी बस्तियों के निर्माण पर आंशिक रोक लगाई थी.

रविवार को पेरिस में यहूदी नेताओं से बातचीत में अब्बास ने कहा कि अगर रोक को बरकरार नहीं रखा जाता तो इस महीने शुरु हुई वार्ता का कोई औचित्य नहीं है.

फ़लस्तीनी अधिकारी पहले ही कह चुके हैं कि बस्तियों का निर्माण शुरु हुआ तो वो शांति वार्ता से हट जाएंगे.

Image caption वेस्ट बैंक में नई बस्तियों पर फिलहाल रोक लगी हुई है.

इस बीच इसराइली रक्षा मंत्री एहुद बराक अमरीका से वापस लौट रहे हैं. बराक शांति वार्ताओं में इसराइली पक्ष का नेतृत्व कर रहे थे.

बीबीसी संवाददाता ब्रिजेट केंडाल से बातचीत में बराक ने कहा कि वो वापस लौट कर इसराइली सरकार को ये समझाने की कोशिश करेंगे कि समझौता कितना आवश्यक है लेकिन उन्हें नहीं पता कि उन्हें सफलता मिलेगी या नहीं.

उनका कहना था, ‘‘ मुझे लगता है कि रोक के बारे में दोनों पक्षों में समझौते के आसार फ़िफ्टी-फ़िफ्टी हैं. शांति की संभावनाएं भी बहतु हैं. ’’

इसराइल ने वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियों पर दस महीने की रोक लगाई है अब ख़त्म हो गई है.

अनुमान के मुताबिक वेस्ट बैंक में नेताओं ने पहले ही 2000 नए घरों के निर्माण को मंजूरी दी है और वो चाहते हैं कि इस पर काम जल्द से जल्द शुरु हो जाए.

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