सहायता लेकर नौका गज़ा रवाना

Image caption इसराइल नाकेबंदी तोड़कर गज़ा में सहायता सामग्री पहुँचाने का विरोध करता है

इसराइल, यूरोप और अमरीका के दस यहूदी कार्यकर्ताओं को लेकर एक नौका साइप्रस से गज़ा के लिए रवाना हुई है.

आसार हैं कि यह नौका इसराइली नौसेना नाकेबंदी का उल्लंघन करेगी.

इस नौका को भेजने वाले लोगों का कहना है कि यह गज़ा पहुँचकर सामान उतारेगी.

आयोजकों का कहना है कि यह फ़लस्तीनियों के प्रति समर्थन जताने और उनके साथ हो रहे व्यवहार के विरोध प्रदर्शन का अहिंसक तरीक़ा है.

ब्रितानी संगठन 'ज्यूज़ फ़ॉर जस्टिस फ़ॉर पैलेस्टिनियन' के रिचर्ड कूपर का कहना है कि वे यह दिखाना चाहते हैं कि सभी यहूदी फ़लस्तीनियों के प्रति इसराइल की नीति का समर्थन नहीं करते.

यह पहली बार नहीं है जब इस तरह से गज़ा में राहत सामग्री पहुँचाने की कोशिश हो रही है.

उल्लेखनीय है कि गत मई में ऐसी ही सहायता लेकर गज़ा जा रहे जहाज़ी बेड़े पर इसराइली सैनिकों ने हमला कर दिया था.

इस हमले में नौ फ़लस्तीनी समर्थक कार्यकर्ता मारे गए थे.

इसके बाद एक बार फिर कुछ कार्यकर्ताओं ने राहत सामग्री लेकर गज़ा जाने की कोशिश की थी लेकिन जहाज़ को इसराइली बंदरगाह ले जाकर उसमें सवार कार्यकर्ताओं को निर्वासित कर दिया गया था.

इसराइल ने कहा था कि जहाज़ पर लदी सामग्री गज़ा पहुँचा दी जाएगी.

गज़ा में राहत सामग्री पहुँचाने का नया प्रयास ऐसे समय पर हो रहा है जब मध्यपूर्व में शांति के नए सिरे से प्रयास हो रहे हैं.

निंदा और दबाव

Image caption इसराइली कार्रवाई की संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने निंदा की थी

मई में की गई इसराइल की कार्रवाई की कई देशों ने निंदा की थी और इसके बाद इसराइल पर नाकेबंदी हटाने का दबाव बढ़ गया था.

अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद इसराइल ने जून में गज़ा पट्टी में अपनी नाकेबंदी में कुछ ढील देने की घोषणा की थी और कहा था कि अब गज़ा में आम लोगों की ज़रुरत के सामान ले जाने की छूट होगी.

इसराइल ने कहा था कि जो भी सामान प्रतिबंधित सामग्रियों की सूची में शामिल नहीं होगा उसे गज़ा ले जाने से नहीं रोका जाएगा.

लेकिन इसे नाकाफ़ी बताते हुए फ़लस्तीनी प्रशासन के अधिकारियों ने कहा था कि प्रतिबंध पूरी तरह से हटाया जाना चाहिए.

फ़लस्तीनी क्षेत्र वर्ष 2005 से इसराइल की ओर से लगाए गए आर्थिक नाकेबंदी का सामना कर रहा है और फ़्री गज़ा मूवमेंट के प्रदर्शनकारी इस नाकेबंदी को खत्म करने के उद्देश्य से वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.

इसराइल ने ये नाकेबंदी गज़ा में इस्लामी गुट हमास के सत्ता में आने के बाद शुरू की थी.

इसराइली अधिकारियों का कहना है कि गज़ा में इस तरह से सामग्री भेजे जाने की कोई ज़रुरत नहीं है क्योंकि वह हर हफ़्ते वहां 15,000 टन सामग्री पहुंचाता है.

लेकिन संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ये मदद नाकेबंदी से पहले गज़ा पहुंचने वाली सामग्री का एक छोटा सा हिस्सा भर है और ज़रूरत से बहुत कम है.

संबंधित समाचार