चीन का चांद मिशन

Image caption चीन ने अपना मून मिशन लॉंच किया है. इसे अंतरिक्ष में अपनी महत्त्वाकांक्षा पूरी करने के चीन के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है.

चीन का एक रॉकेट चाँद पर सैटेलाइट उतारने के लिए अंतरिक्ष में रवाना हो चुका है.

ये रॉकेट सीचांग लॉंच सेंटर से छोड़ा गया.

ये रॉकेट सैटेलाइट को चाँद की कक्षा में स्थापित करेगा जिसके बाद माना जा रहा है कि ये सैटेलाइट चाँद पर लगभग पाँच दिनों में पहुँच जाएगा.

चेंज-2 नाम के इस सैटेलाइट का इस्तेमाल उन आंकड़ों और तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए किया जा रहै है, जिससे भविष्य के मिशनों में मदद मिलेगी.

चीन ने कहा है कि परीक्षण के उद्देश्य से वो एक और सैटेलाइट भेजेगा और उसके बाद निकट भविष्य में उसके पास इंसान को भी चाँद पर उतारने की योजना है.

चीन की शिन्हुआ न्यूज़ एजेंसी ने कहा है कि चेंज-2 चाँद की पथरीली सतह के ठीक ऊपर 15 किलोमीटर तक ही चक्कर लगाएगा.

वो उन जगहों की तस्वीरें उतारेगा जहाँ भविष्य में चंद्रयानों को उतारना संभव होगा.

ये चाँद पर चीन का दूसरा मिशन है.

पहला 2007 में गया था. तब वो यान 16 महीनों तक अंतरिक्ष में रहा था जिसके बाद उसे चाँद की सतह पर जानबूझ कर क्रैश यानि दुर्घटनाग्रस्त करा दिया गया था.

अंतरिक्ष की महत्त्वाकांक्षाएं

पृथ्वी के निचले कक्ष में 2003 में चीन ने अपना पहला मानव चालित सैटेलाइट भेजा था.उसके बाद दो और मिशन गए. 2008 में चीन ने एक और ऐसा ही प्रयोग किया.

अबतक दुनिया के सिर्फ़ तीन ही देश हैं जो अंतरिक्ष में स्वतंत्र रूप से इंसानों को भेज पाने में सफल हुए हैं. ये हैं चीन, रुस और अमरीका.

2008 में चीन के इतिहास में पहली बार एक चीनी अंतरिक्षयात्री ज़ाई ज़ीगैंग ने अंतरिक्ष में 15 मिनट तर पैदल यात्रा की थी.

तब चीन के इस प्रयास को आनेवाले समय में अंतरिक्ष में उसकी और ऊँची उड़ान भरने के अरमान के तौर पर देखा गया.

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