स्कूलों में बड़े पैमाने पर यौन शोषण

  • 7 अक्तूबर 2010
Image caption ज्यादातर मामले ग्रामीण स्कूलों के हैं

कीनिया में स्कूली छात्राओं के यौन शोषण के एक बड़े मामले में एक हज़ार से अधिक शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया गया है.

वरिष्ठ सरकारी अधिकारी अहमद हुसैन ने बीबीसी को बताया कि यौन शोषण का शिकार होने वाली ज़्यादातर छात्राएँ 12 से 15 वर्ष आयु की थीं.

हुसैन ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर पीड़ित छात्राओं की मदद के लिए शुरू की गई गोपनीय हेल्पलाइन से पता चला है कि समस्या बहुत बड़े पैमाने पर थी, जैसा अनुमान लगाया जा रहा था उससे कहीं अधिक बड़े स्तर पर छात्राओं का यौन शोषण स्कूलों में चल रहा था.

अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर मामले ग्रामीण इलाक़ों के प्राथमिक विद्यालयों से जुड़े हैं.

बीबीसी के कार्यक्रम नेटवर्क अफ्रीका को दिए गए इंटरव्यू में हुसैन ने बताया, "संचार की समस्याओं की वजह हमें शुरू में पता नहीं लग सका कि राष्ट्रीय स्तर पर यह समस्या कितनी बड़ी है लेकिन अब गाँव गाँव में मोबाइल फ़ोन होने की वजह से हमें पता चल रहा है यह कितनी व्यापक समस्या है."

देश में पिछले साल 600 और इस वर्ष 550 पुरुष शिक्षकों को छात्राओं का यौन शोषण के आरोप में नौकरी से हटाया गया है.

हुसैन ने कहा, "इनमें से कई लोगों के ख़िलाफ़ मुकदमा चलाया जाएगा और उन्हें सज़ा दी गई है."

बच्चों के अधिकारों के लिए अभियान चलाने वाली संस्था क्रेडल के ब्रायन वेक का कहना है कि उन्होंने न्यानजा प्रांत के एक स्कूल में "20 छात्राओं को गर्भवती पाया जिनमें से आधी से अधिक लड़कियों से उनके शिक्षकों ने शारीरिक संबंध बनाया था."

वेक का कहना है, "बहुत बड़ी संख्या में ऐसी घटनाएँ होती हैं लेकिन बात पुलिस तक नहीं पहुँच पाती और ज़िला शिक्षा अधिकारी मामले को स्थानीय स्तर पर ही निबटा देते हैं."

नैरोबी से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ज्यादातर मामलों में दोषी शिक्षक छात्राओं के अभिभावक को पैसे देकर क़ानून की गिरफ़्त में आने से बच जाते हैं.

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