खदानों में पहुंचे इंजीनियर

खनिकों के लिए तैयार किया गया कैप्सूल
Image caption कुछ इस तरह से निकाले जाएँगे खनिक

चिली में अधिकारियों का कहना है कि इंजीनियर भूमिगत चैंबर को तोड़कर सैन होज़े खदान में फंसे 33 खनिकों तक पहुंच गए हैं.

इंजीनियरों ने अपनी सफलता की खुशी में हॉर्न बजाए. इसके बाद खनिकों के परिवार वालों ने खुशियां मनाते हुए एक दूसरे को गले लगाया.

बचाव और अग्निशमन कर्मी प्रवेश द्वार पर हैं और वो सारी चीज़ें तैयार हैं जो खनिकों को बाहर निकालने के लिए चाहिए.

योजना के अनुसार कैमरे के ज़रिए यह भी सुनिश्चित किया जाना है कि खनिक सुराख़ से यूँ ही निकल आएंगे या उसमें स्टील के केस लगाने पड़ेंगे.

खनिक गत पाँच अगस्त से खदान के धसकने के बाद से ज़मीन से 700 मीटर नीचे फँसे हुए हैं.

चिली के खनिज मंत्री लॉरेंस गोलबोर्न ने चेतावनी दी है कि बचाव दल को सावधानी से काम करना होगा जिससे कि ड्रिल जाम न हो.

सावधानी

अभी भी खनिकों को निकालने की प्रक्रिया में वक्त लगेगा.

खिनज मंत्री का कहना है कि कि खनिकों को बचाने का काम तीन से आठ दिन के भीतर शुरु हो सकता है.

गोलबोर्न ने कहा, "इतना सब कुछ करने के बाद यदि वह छेद बंद हो जाता है, जो हमने तैयार किया है तो मामला कठिन हो जाएगा. हमें बहुत सावधानी से काम करना होगा."

ड्रिलिंग के काम में लगे इंजीनियर आंद्रे सौगारेट का कहना है कि ख़तरा तब पैदा होगा जब हम कड़े चट्टानों में सुराख़ बनाएँगे, इसमें कोई घायल भी हो सकता है.

उन्होंने कहा, "हम सावधानी के लिए पहले कैमरा नीचे उतारेंगे जिससे कि यह सुनिश्चित हो सके कि उनमें से किसी को ख़तरा नहीं है."

कहा जा रहा है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हर खनिक को एक घंटे में बाहर निकाला जाएगा.

बाहर निकलने पर उन्हें धूप के चश्मों की तरह गहरे रंग के काँच वाले चश्मे दिए जाएँगे क्योंकि वे लंबे समय से अंधेरे में रह रहे हैं और बाहर की रोशनी अचानक बर्दाश्त नहीं कर सकेंगे.

संभावना है कि दुनिया भर के सैकड़ों पत्रकार इस अवसर पर वहाँ मौजूद होंगे.

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