पुतिन के लिए सेक्सी कैलेंडर

पुतिन कैलेंडर

रुस के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन के 58वें जन्मदिवस पर रूस की प्रतिष्ठित मॉस्को यूनिवर्सिटी (एमजीयू) की छात्राओं ने दो तरह के कैलेंडर तैयार किए हैं--एक कामात्तेजक तो दूसरा बेरंग और नीरस.

यूनिवर्सिटी की पत्रकारिता की छात्राओं ने न सिर्फ़ खुले वस्त्रों में पोज़ करते हुए एक कैलेंडर तैयार किया बल्कि उन्होंने "आपने जंगल की आग तो बुझा दी, लेकिन अभी तक जलता है बदन" जैसे उत्तेजक कैप्शन भी दिए.

इस कैलेंडर के बाद एक अन्य गुट ने उसके जवाब में दूसरा कैलेंडर पेश किया जिसमें छात्राओं ने काले रंग में पोज़ किया और उनके मुंह पर टेप चिपका हुआ दिखाया गया है.

बहरहाल, सर्वेक्षण से अंदाज़ा लगता है कि पुतिन काफ़ी लोकप्रिय हैं.

पुतिन को तरह-तरह से फ़िल्माया गया है. कहीं उन्हें खुली छाती के साथ पहाड़ों पर घुड़सवारी करते हुए दिखाया गया है तो कहीं किसी साइबेरियाई नदी में तैराकी करते हुए, तो कहीं आग बुझाते हेलिकॉप्टर के कंट्रोल पर बैठे हुए दिखाया गया है.

पुतिन के हैप्पी बर्थडे-2011 कामोत्तेजक कैलेंडर को "व्लादिमीर व्लादिमोरोविच, हम आपको चाहते हैं" का नाम दिया गया है और इस में 12 छात्राओं को अंडर-गार्मेंट्स में दिखाया गया है.

कैलेंडर की मिस फ़रवरी सांकेतिक रूप से पूछ रही हैं, "तीसरी बार के बारे में क्या ख़याल है?" इशारा पुतिन के तीसरी बार राष्ट्रपति बनने की ओर भी है. वह 2012 में एक बार फिर चुनाव मैदान में उतरने के योग्य हैं.

दूसरा कैलेंडर

Image caption कैलेंडर में सांकेतिक और उत्तेजक कैपशन भी हैं

वहीं दूसरे ग्रुप ने इंटरनेट पर काले कपड़ों में मुंह पर पट्टी बंधी हुई लड़कियों को पेश किया है जो ये इशारा करता है कि पुतिन ने किस प्रकार अपने राजनीतिक विरोधियों को चुप करा दिया है.

उस पन्ने पर लिखा हुआ है "किसने अन्ना पॉलिटकोस्वक्या को मारा?", इशारा क्रेमलीन की सख़्त आलोचक पत्रकार की ओर है जिनकी चार साल पहले हत्या हो गई थी और मामला अभी तक नहीं सुलझ पाया है. उन्होंने रूसी फ़ौजियों के ज़रिए चेचन्या में मानवाधिकार उल्लंघन का पर्दाफ़ाश किया था.

दूसरी ओर नीरस या काले कैलेंडर का नाम दिया गया है "व्लादिमीर व्लादिमीरोविच, हमारे कुछ प्रश्न हैं..." इसमें यह भी पूछा गया है कि "वे मिख़ाइल ख़ोदोरोस्वकी को कब रिहा करेंगे?" यूको के बड़े पूर्व तेल उद्योगपति का जेल जाना काफ़ी विवादित रहा है और उन्हें व्यापक रूप से क्रेमलिन की सत्ता को चुनौती देने वाले के रूप में देखा गया है.

बेरंग कैलेंडर की एक छात्रा येलिज़ावेटा मेंशिकोवा ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि उनके कैलेंडर को इंटरनेट पर काफ़ी समर्थन मिला है.

वह कहती हैं, "स्तन ख़ूबसूरत हैं, हां मेरे भी हैं. लेकिन मेरे कंधे पर सर भी है. और हम लड़कियों ने ख़ुद से बिना किसी प्रोड्यूसर के ये कारनामा अंजाम दिया है."

एमजीयू की पत्रकारिता विभाग की डीन येलेना वार्टानोवा कामोत्तेजक कैलेंडर को लेकर ख़ासी नाराज़ हैं.

उनका कहना है, "समझ में नहीं आता कि पत्रकारिता विभाग और यूनिवर्सिटी को ये क्यों करना पड़ा. अपने व्यवसायिक प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए उन लड़कियों ने उन ब्रांड का इस्तेमाल किया जिन्हें उन्होंने ख़ुद नहीं तैयार किया और न ही वह उनका है."

बहरहाल, कामोत्तेजक कैलेंडर की 50 हज़ार प्रतियां प्रकाशित की गईं हैं.

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