आसियान देशों का सम्मेलन

आसियान देशों के रक्षा मंत्री
Image caption हनोई में आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन

एशियाई देशों के रक्षा मंत्री आज अमरीका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के विदेश मंत्रियों के साथ वियतनाम की राजधानी हनोई में होने वाली एक उच्च स्तरीय बैठक में मिल रहे हैं.

दुनिया भर के सबसे शक्तिशाली देशों का अपनी तरह का यह पहला सम्मेलन है.

सम्मेलन के मुख्य एजेंडे में दक्षिण चीनी समुद्र पर संप्रभुता को लेकर चल रहा विवाद, विभिन्न देशों के बीच होने वाले अपराध और प्राकृतिक आपदा शामिल हैं.

लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बातचीत का मुख्य मुद्दा चीन में बढ़ रही सैन्य सक्रियता ही है.

सम्मेलन की शुरुआत में बोलते हुए वियतनाम के प्रधान मंत्री ने कहा कि पूरे एशिया महाद्वीप को परंपरागत और ग़ैर- परंपरागत सुरक्षा चुनौतियों का सामना पड़ा है.

उन्होंने कहा, ‘सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य इन चुनौतियों का सामना करने के लिए आपसी सहभागिता को बढ़ाना है.’

सम्मेलन की वजह से चीन, अमरीका, जापान और दक्षिण एशिया के अन्य देश एक दूसरे के नज़दीक आए हैं जिनके पास संयुक्त रूप से बहुत शक्तिशाली सैन्य क्षमता है और ख़ासकर चीन, जो कि अपनी सैन्य शक्ति को इस रूप में लगातार बढ़ा रहा है जो कि तमाम देशों के लिए भय पैदा करने वाला है.

लेकिन हनोई में औपचारिक रूप से सम्मेलन शुरू होने से पहले ही इस तरह की द्विपक्षीय बातचीत निश्चित रूप से तनाव कम करने में मददगार साबित होगी.

चीन और जापान समुद्री क्षेत्र में संघर्ष कम करने की दिशा में एक दूसरे के साथ काम करने पर सहमत हो गए हैं.

वहीं अमरीका और चीन के रक्षा मंत्री बीजिंग में बातचीत टूटने के बाद पहली बार मिल रहे हैं. ये बातचीत अमरीका द्वारा ताइवान को शस्त्र आपूर्ति करने के कारण टूट गई थी.

ये मंच अब विभिन्न मुद्दों पर आम सहमति बनाने की कोशिश करेगा.

सम्मेलन में भारत समेत सात गैर-आसियान देशों को आसियान देशों के रक्षा मंत्रियों के समूह (एडीएमएम)-प्लस फोरम में सदस्यता दी गई है. इनमें आस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, रूस और अमेरिका शामिल हैं.

इसके अलावा 10 दक्षिण एशियाई देश भी सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं.