खनिकों को निकालने की तैयारियाँ पूरी

चिली में सोने-तांबे की एक खान में पाँच अगस्त से ही फंसे 33 खनिकों को बाहर निकालने का काम पूर्वनिर्धारित समय से पहले ही शुरू किया जा रहा है.

(बीबीसी हिंदी वेबसाइट पर हम पेश करेंगे बचाव अभियान का सीधा वीडियो प्रसारण. होगा पल-पल का ब्योरा भी.)

पहले ये काम मंगलवार मध्यरात्रि को शुरू होना तय हुआ था, लेकिन जब बचाव कैप्सूल के वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण का काम बिना किसी गड़बड़ी के संपन्न हो गया तो अधिकारियों ने बचाव अभियान स्थानीय समयानुसार रात्रि आठ(2300 GMT) बजे ही शुरू करने का फ़ैसला किया है.

कैसे चलेगा बचाव अभियान : क्रमवार विवरण

1. तैयारी

आपात सहायता दल

बचाव दल में कुल 15 लोग शामिल हैं- चिली के राष्ट्रीय तांबा निगम के 10 विशेष, दो स्थानीय बचाव विशेषज्ञ और चिली नौसेना के तीन पारामेडिक्स.

सबसे पहले एक चिकित्साकर्मी को बचाव कैप्सुल फ़ीनिक्स में नीचे उतारा जाएगा. वह खान में फंसे 33 खनिकों की स्वास्थ्य की जाँच कर उन्हें तीन समूहों में बाँट देगा- तकनीकी रूप से दक्ष, कमज़ोर और मज़बूत.

इसी क्रम में खनिकों को ऊपर लाया जाएगा, यानि पहले तकनीकी रूप से दक्ष समूह के खनिक ऊपर आएंगे.

2. बचाव

बचाव कैप्सुल फ़ीनिक्स

खनिकों को विशेष रूप से उनके नाप से तैयार वाटरप्रूफ़ पोशाक पहनाई जाएगी. उनकी आँखों पर विशेष सनग्लासेज़ होंगे. उन्हें एक ख़ास बायोमेट्रिक बेल्ट भी पहनाया जाएगा जिसके ज़रिए उनके स्वास्थ्य से जुड़े हर महत्वपूर्ण संकेतों पर नज़र रखी जाएगी.

खनिकों को ऑक्सीजन मास्क पहनाया जाएगा. वे हेडफ़ोन और माइक्रोफ़ोन के ज़रिए ऊपर तैनात बचाव दल के सतत संपर्क में रहेंगे.

यदि बचाव कैप्सुल बीच में कहीं फंसता है तो कैप्सुल का तल खुल जाएगा और खनिक सुरक्षित वापस खदान में पहुँच जाएगा.

3. आपात क्षेत्र

प्राथमिक चिकित्सा जाँच केंद्र

बाहर आते ही खनिकों को बचाव सुरंग के पास ही बनाए गए विशेष चिकित्सा कक्ष में ले जाया जाएगा. वहाँ मौजूद एक चिकित्सक इस बात की जाँच करेगा कि किसी को आपात चिकित्सा की तो ज़रूरत नहीं है.

यदि किसी खनिक को तुरंत आपात चिकित्सा की ज़रूरत हुई तो हवाई मार्ग से उन्हें निकटतम शहर कोपिआपो के अस्पताल में पहुँचाया जाएगा. इस काम के लिए वहाँ तीन हेलीकॉप्टरों को तैनात रखा गया है.

4. फ़ील्ड अस्पताल

फ़ील्ड अस्पताल

यदि खनिकों को आपात चिकित्सा की ज़रूरत नहीं पड़ी तो उन्हें बचाव स्थल के निकट बनाए गए फ़ील्ड अस्पताला या स्टेबलाइज़ेशन एरिया में दो घंटों तक रखा जाएगा.

इतने दिनों तक धूप नहीं देखने और आर्द्र वातावरण में रहने के कारण अधिकतर खनिकों को त्वचा से जुड़ी बीमारियाँ हो चुकी हैं, इसलिए उन्हें विटामिन डी का डोज़ दिया जाएगा. ज़रूरत पड़ी तो खनिकों को यहाँ ड्रिप भी चढ़ाया जाएगा.

5. परिवार से मिलन

परिजन

फ़ील्ड अस्पताल में पूरी तरह जाँच-पड़ताल से गुजरने के बाद खनिकों को आरामखाने में ले जाया जाएगा. यहाँ टेबल-कुर्सियाँ भी होंगी और खनिक अपने निकट परिजनों से मिल सकेंगे.

हालाँकि प्रति खनिक दो मुलाक़ातियों को ही यहाँ तक आने दिया जाएगा.

6. अस्पताल

आराम वाले क्षेत्र या मुलाक़ात वाले क्षेत्र में कुछ घंटे बिताने के बाद खनिकों को हेलीकॉप्टर से 40 किलोमीटर दूर कोपिआपो शहर ले जाया जाएगा.

यहाँ के क्षेत्रीय अस्पताल में खनिकों को 48 घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा.

यदि इस दौरान सब कुछ सामान्य रहा तो खनिकों को उनके परिवारों में जाने दिया जाएगा. वे चाहें तो उन्हें मनोचिकित्सकीय सहायता देने की व्यवस्था की जाएगी.

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