राष्ट्रपति ने 'थप्पड़ नहीं मारा'

Image caption राष्ट्रपति गार्सिया ने माना कि उन्हें गुस्सा आ गया था

पेरू के राष्ट्रपति एलन गार्सिया ने एक नौजवान को थप्पड़ मारने के आरोप से इनकार किया है.

27 वर्षीय रिचर्ड गाल्वेज़ का कहना है कि उन्हें राष्ट्रपति ने थप्पड़ मारा और उसके बाद उनकी अंगरक्षकों ने उनकी पिटाई की क्योंकि उन्होंने राष्ट्रपति गार्सिया को 'भ्रष्ट' कहा था.

पहले राष्ट्रपति गार्सिया ने ऐसी किसी घटना से ही इनकार कर दिया लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि नौजवान ने उनका अपमान किया था जिसके बाद उन्हें ग़ुस्सा आ गया लेकिन उन्होंने थप्पड़ मारने की बात को ग़लत बताया.

राष्ट्रपति गार्सिया अपनी बेटी के साथ राजधानी लीमा के एक अस्पताल का दौरा कर रहे थे वहीं यह घटना हुई.

अस्पताल में स्वयंसेवक के तौर पर काम करने वाले गाल्वेज़ ने जब राष्ट्रपति गार्सिया को देखा तो चिल्लाकर उन्हें भ्रष्ट कहा, गाल्वेज़ का कहना है कि इस पर राष्ट्रपति ने पलटकर उन पर हमला कर दिया.

गाल्वेज़ का कहना है कि इसके बाद राष्ट्रपति के सुरक्षा गार्डों ने उन्हें पीटा जबकि अस्पताल के कर्मचारी और मरीज़ इसका विरोध कर रहे थे.

पेरू के ज्यादातर अख़बारों ने प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से इस घटना की विस्तृत ख़बर प्रकाशित की है.

राष्ट्रपति का बयान

राष्ट्रपति गार्सिया ने कुछ समय बाद घटना की बात स्वीकार कर ली और कहा कि उन्होंने ग़ुस्से में उस व्यक्ति को 'गो टू हेल्' कहा था.

राष्ट्रपति का कहना है कि उन्हें ऐसी हरकत पर नाराज़ होने का पूरा हक़ है.

उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति की बात तो जाने दीजिए, किसी को मेरा इस तरह अपमान करने का हक़ नहीं है वह भी मेरी बेटी के सामने. यह असंभव है कि कोई आपको आपकी बेटी या माँ के सामने भ्रष्ट कहे और आप चुप रहें."

इस घटना के बाद एक और व्यक्ति सामने आया है जिसका कहना है कि गाल्वेज़ को उसने मारा था क्योंकि उससे राष्ट्रपति की माँ का अपमान नहीं देखा गया.

यह पहला मौक़ा नहीं है जब राष्ट्रपति गार्सिया पर इस तरह के आरोप लगे हैं, इससे पहले 2004 में भी उन पर एक विरोध प्रदर्शन में शामिल व्यक्ति को लात से मारने का आरोप लगा था.