अफ़गानिस्तान में एक चौथाई मत अवैध

  • 20 अक्तूबर 2010
अफ़गानिस्तान में चुनाव
Image caption सितंबर में हुए चुनावों में कई उम्मीदवारों के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी करने के आरोप हैं.

अफ़गानिस्तान के स्वतंत्र चुनाव आयोग ने पिछले महीने हुए संसदीय चुनावों में डाले गए लगभग 25 फ़ीसदी को मतों को अवैध क़रार दिया है. इन चुनावों में 56 लाख मतदाताओं ने हिस्सा लिया था लेकिन इनमें से13 लाख मतों को धोखाधड़ी और अन्य अनियमितताओं की वजह से गिना नहीं जा रहा है.

18 सितंबर को हुए इन चुनावों के क़रीब 10 प्रतिशत प्रत्याशी चुनाव में धांधली करने के लिए जांच का सामना कर रहे हैं.

मतगणना में अभी कई सप्ताह लग सकते हैं क्योंकि जबतक 200 अधिक उम्मीदवारों पर चल रही धोखाधड़ी की जांच पूरी नहीं होती, नतीजे घोषित नहीं किए जा सकते.

संयुक्त राष्ट्र समर्थित एक चुनावी शिकायत आयोग चार हज़ार से ज़्यादा औपचारिक शिकायतों की जांच कर रहा है.

अवैध मत

चुनाव के आयोग के प्रमुख फ़ज़ील अहमद मनावी ने बुधवार को कहा, "चुनावों में क़रीब 56 लाख लोगों ने हिस्सा लिया इनमें से 13 लाख वोट अवैध पाए गए हैं."

काबुल में बीबीसी संवाददाता पॉल वुड के अनुसार इतनी अधिक संख्या में मतों के अमान्य पाए जाने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से तुरंत कोई आलोचना सामने नहीं आएगी.

आख़िर में इन चुनावों की कामयाबी इस बात पर निर्भर करेगी कि ये अफ़गानिस्तान में कितनी स्थिरता ला पाने में कामयाब हो पाते हैं.

चुनाव परिणाम से अफ़गानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

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