बीबीसी: कुछ सेवाओं पर गिरेगी गाज

बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के प्रमुख पीटर हॉरॉक्स ने कहा है ब्रिटेन में घोषित हुई कटौती के कारण वर्ल्ड सर्विस की कुछ भाषाओं की सेवा बंद करनी पड़ेगी और कुछ कार्यक्रम बंद करने होंगे.

वर्ष 2014 से वर्ल्ड सर्विस को ब्रितानी विदेश मंत्रालय पैसा नहीं देगा बल्कि उसे ब्रिटेन में टीवी लाइसेंस फ़ीस से आने वाले पैसे से धनराशि मिलेगी.

पीटर हॉरॉक्स ने कहा है कि फ़ंडिंग की प्रक्रिया में आए बदलाव के बड़े और अहम परिणाम होंगे. ताज़ा समझौते के तहत वर्ल्ड सर्विस को 16 फ़ीसदी की कटौती करनी है.

पीटर हॉरॉक्स के मुताबिक वर्ल्ड सर्विस को पेंशन में भी योगदान देना है जिसका मतलब है कि उसे अगले चार साल में 25 फ़ीसदी पैसा बचाना है.

वर्ल्ड सर्विस के प्रमुख ने कहा है कि अभी ये तय नहीं है कि कौन सी सेवा बंद करनी है.

बदलावों को बीबीसी ट्रस्ट की मंज़ूरी मिलना ज़रूरी है और अगर किसी भाषा से जुड़ी सेवा बंद करनी है तो विदेश मंत्री की स्वीकृति चाहिए होगी.

पीटर हॉरॉक्स ने कहा है कि कई लोगों की नौकरियाँ जाएँगी हालांकि उन्होंने एक सवाल के जवाब में वे ये ज़रूर बोले कि ये बीबीसी वर्ल्ड सर्विस का अंत नहीं है.

बीबीसी से हुए समझौते के मुताबिक ब्रिटेन में टीवी लाइसेंस फ़ीस अगले छह साल तक के लिए अपने वर्तमान स्तर पर ही रहेगी. ये फ़ीस 145.50 पाउंड होगी. इन सारे फ़ैसलों का बीबीसी के भविष्य पर गहरा असर पड़ेगा.

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