फ्रांस: पेंशन विधेयक को मंज़ूरी

प्रदर्शनकारी
Image caption प्रदर्शनकारियों का मानना है कि सरकार के इस कदम से बेरोज़गारी बढ़ेगी.

फ्रांस की नेशनल असेंबली ने भारी विरोध के बीच रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष किए जाने के विधेयक को मंजूरी दे दी है.

फ्रांस के आम नागरिक और छात्र लंबे समय से सरकार के इस फैसले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं.

प्रदर्शनकारियों का मानना है कि सरकार के इस कदम से बेरोज़गारी बढ़ेगी.

नेशनल असेंबली के निचले सदन ने 233 के मुकाबले 336 मतों से इस विधेयक को पारित किया.

हस्ताक्षर

अगले महीने फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सारकोज़ी इस विधेयक पर हस्ताक्षर करेंगे. इस दौरान इस विधेयक को कानूनी चुनौती दी जा सकती है.

विधेयक का विरोध कर रहे लोगों ने गुरुवार को इस मंज़ूरी के खिलाफ विरोध जताने की घोषणा की है.

यूनियन के नेताओं का कहना है कि वो कई तरह से अपने विरोध को सरकार के सामने रखेंगे.

पेरिस में बीबीसी के संवाददाता क्रिशचियन फ्रेज़र के अनुसार राष्ट्रपति सारकोज़ी को उम्मीद है कि बुधवार को मिली इस मंजूरी के बाद लोगों की विरोध थम जाएगा.

घटती लोकप्रियता

मत सर्वेक्षणों के अनुसार इस घटनाक्रम के चलते राष्ट्रपति सारकोज़ी की लोकप्रियता घटकर 30 फीसदी से भी कम हो गई है.

ग़ौरतलब है कि 18 महीने बाद फ्रांस में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने वाले हैं.

प्रधानमंत्री फ्रैंकोएस फिलॉन ने इस मसले पर विरोध प्रदर्शनों को गलत मानते हुए कहा, ''इस तरह के मुद्दों पर बहस की जा सकती है लेकिन आखिरकार कानून और संसद का सम्मान करना नागरिकों की ज़िम्मेदारी है. ''

सरकार के इस रुख के उलट एक तेल रिफायनरी में काम करने वाले मज़दूर का कहना है, ''मैं नहीं चाहता कि मैं 67 साल की उम्र तक काम करुं और मेरा बेटा बेरोज़गार रहे.''

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