ख़राब मौसम बना राहतकार्यों में बाधक

इंडोनेशिया में भूकंप
Image caption ख़राब मौसम के कारण राहत कार्यों में दिक्कत पेश आ रही है.

इंडोनेशिया में आए भूकंप और एक ज्वालामुखी के फटने के बाद राहतकर्मियों को बचाव कार्य में ख़राब मौसम की वजह से काफ़ी दिक्कतें पेश आ रही हैं. मंगलवार को हुए इस हादसे में अब तक कम से कम 130 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

इनमें से अधिकतर की मौत सुमात्रा के पश्चिम तट की ओर स्थित मेंटावाई द्वीप पर भूकंप के बाद उठीं सूनामी लहरों के कारण हुई है.

इंडोनेशिया में अधिकारियों ने बीबीसी को बताया है कि अब भी सौ से अधिक लोग लापता हैं और ख़राब मौसम राहत कार्यों में बाधा बन रहा है.

उधर इंडोनेशिया के मध्य जावा क्षेत्र में माउंट मेरापी ज्वालामुखी के फटने के बाद वहां से लोगों को अब भी सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है.

मेरापी ज्वालामुखी से लावा का निकलना अब कम हो गया है. मंगलवार को इस ज्वालामुखी के चपेट में आकर 20 लोगों की मौत हो गई थी.

ख़राब मौसम

मेंटावाई द्वीप में ख़राब मौसम के कारण राहत कार्यों में दिक्कतें पेश आ रहीं हैं.

जकार्ता में अधिकारियों ने बीबीसी संवाददाता करिश्मा वासवानी को बताया है कि प्रभावित लोगों को खोजने और बचाने के काम में ख़राब मौसम बाधा बन रहा है.

Image caption मेरापी ज्वालामुखी के चपेट से बचाए गए लोग.

भारी बारिश के कारण हेलीकॉप्टर क्षेत्र में पहुंचने में सफल नहीं हो पा रहे हैं. इसके अलावा दक्षिण पगाई द्वीप में बंदरगाह को क्षति होने के कारण नावें भी प्रभावित इलाक़े में नहीं पहुंच पा रहीं हैं.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार ख़राब संचार व्यवस्था के कारण अधिकारियों को घटनास्थल के बारे में सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है.

मेंटावाई के एक सांसद हेंड्री डोरी सातोको ने एक स्थानीय टीवी चैनल, मेट्रो टीवी को बताया, "'क्राइसिस सेंटर'से मिली ताज़ा जानकारी के मुताबिक 108 लोगों की मौत हुई है और 502 लोग लापता हैं."

सातोको ने बताया कि संभवत कुछ लापता लोग द्वीप के ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर गए हैं और वे डर के कारण अपने घरों को नहीं लौट रहे हैं.

समाचार एजेंसी एसोसिएट्ड प्रेस के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि अब तक 113 मृत शरीर पाए गए हैं.

वैज्ञानिकों के अनुसार इस बात की संभावना बहुत कम है कि भूकंप और ज्वालामुखी के फटने के बीच कोई संबंध हो.

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