इंडोनेशिया में एक साथ दो विपदाएँ, राष्ट्रपति लौटे

  • 27 अक्तूबर 2010
इंडोनेशिया प्राकृतिक विपदा
Image caption इंडोनेशिया में एक साथ सूनामी आने और ज्वालामुखी के फटने से हज़ारों लोग प्रभावित हुए हैं.

इंडोनेशिया में सुनामी और ज्वालामुखी के फटने जैसी दोतरफ़ा विपदाओं से 270 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं जबकि क़रीब 400 लापता हैं.

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुसीलो बैमबैंग युधोयूनो वियतनाम में चल रहे एक क्षेत्रीय शिखर बैठक को बीच में ही छोड़ इंडोनेशिया वापस लौट गए हैं.

इंडोनेशिया पर एक साथ दो प्राकृतिक विपदाओं का प्रहार हुआ है और उसी से निपटने के लिए राष्ट्रपति को वापस लौटना पड़ा है.

उन्होंने सुमात्रा के नज़दीक मेंतावी द्वीप के दूरदराज़ के इलाक़ों का दौरा किया है.

अधिकारियों का कहना है कि बचाव कार्य के लिए अब हेलिकॉप्टर पहुँच चुके हैं लेकिन कम से कम 13 बस्तियाँ सुनामी से आई बाढ़ में बह गईं हैं.

आशंका है कि सुनामी के बाद के प्रभाव से अभी और बड़ी लहरें आ सकती हैं.

नौसेना का एक जहाज़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए रवाना हो चुका है.

ज्वालामुखी

इस बीच जावा के मध्य हिस्से से क़रीब 14 हज़ार लोगों को मेरापी ज्वालामुखी के प्रकोप से बचाने के लिए आपातकालीन राहत शिविरों में पहुँचा दिया गया है.

यहाँ ज्वालामुखी के फटने से कम से कम 20 लोगों की जान जा चुकी है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ज्वालामुखी के फटने के बाद जो एक तूफ़ान आया, उससे ज्वालामुखी की राख तो आसमान से साफ़ हो गई है.

लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अभी ज्वालामुखी के पास से खाली कराए गए इलाक़ों में वापस जाना समझदारी भरा काम नहीं होगा.

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