हनोई में जिआबाओ और मनमोहन के बीच बैठक शुरू

  • 29 अक्तूबर 2010
मननोहन-जियाबाओ
Image caption भारत प्रशासित कश्मीर को लेकर चीन का रुख भारत के लिए चिंता का विषय रहा है.

वियतनाम की राजधानी हनोई में भारत और चीन के प्रधानमंत्रियों के बीच बैठक शुरू हो गई है. बैठक में कश्मीरियों का वीज़ा नत्थी करने का मुद्दा उठ सकता है.

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भारत-आसियान और पूर्वी एशियाई देशों के शिखर सम्मेलनों में भाग लेने वियतनाम पहुंचे हैं.

इस सम्मेलन की शुरुआत से पहले चीन ने इस बात पर ज़ोर दिया था कि वो भारतीय कश्मीरियों को 'स्टेपल्ड वीज़ा' यानी नत्थी वीज़ा देने की नीति में बदलाव नहीं करेगा.

चीन का रुख

भारत प्रशासित कश्मीर को लेकर चीन का रुख भारत के लिए चिंता का विषय रहा है.

चीन ने लगभग दो साल पहले पासपोर्ट के साथ एक पन्ने के रुप में नत्थी कर वीज़ा देने की प्रक्रिया शुरु की.

नत्थी वीज़ा देने का अर्थ है कि चीन भारत प्रशासित कश्मीर को विवादित हिस्सा मानता है.

भारत ने कई बार चीन के इस रवैये पर आपत्ती जताई है और कहा है वह सभी भारतीय नागरिकों को समान तरीके से पासपोर्ट पर चिपकाए गए वीज़ा जारी करे.

सीमा विवाद

इसके अलावा दोनो देशों के बीच सीमा विवाद पर बातचीत की भी उम्मीद है.

दोनों देशों के विशिष्ट प्रतिनिधियों ने लंबे समय से मुलाकात नहीं की है और इन मुलाकातों के लिए समयसीमा तय करने का मुद्दा भी द्विपक्षीय चर्चा का विषय बन सकता है.

आर्थिक मंदी को लेकर नवंबर में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान चीन की मुद्रा युआन पर चर्चा होगी. दोनों देशों के बीच आज होने वाली इस बातचीत में आर्थिक मंदी पर चीन की मुद्रा प्रभाव को लेकर बातचीत की भी उम्मीद है.

जलवायु परिवर्तन

इसके अलावा दोनों देशों के बीच जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भी बातचीत होगी.

इन सम्मेलनों के दौरान मनमोहन सिंह एशियाई देशों के साथ भारत के व्यापार संबंधों को और आगे ले जाने के लिए वार्ताएं भी करेंगे.

ये भारत की पूर्वी एशिया की ओर रुख करने और एशियाई देशों को तवज्जो देने की नीति का ही हिस्सा है.

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