ईमेल मामले में पुलिसकर्मी बर्ख़ास्त

ऑस्ट्रेलियाई पुलिस
Image caption ऑस्ट्रेलियाई पुलिस पर गंभीर आरोप लगे थे

नस्लभेदी ईमेल भेजने के मामले में ऑस्ट्रेलिया के चार पुलिसकर्मियों को बर्ख़ास्त कर दिया गया है. इसके अलावा सात पुलिसकर्मियों पर जुर्माना भी लगाया गया है.

इन नस्लभेदी ईमेल में से एक में वो वीडियो भेजा गया था, जिसमें एक भारतीय को ट्रेन में यात्रा करते समय करंट लगकर मरते दिखाया गया था.

अनुशासनात्मक सुनवाई के बाद विक्टोरिया पुलिस के चार अधिकारियों को बर्ख़ास्त किया गया है. चार बर्ख़ास्त पुलिस अधिकारियों में से एक भारतीय व्यक्ति को करंट लगकर मरते दिखाए गए वीडियो को भेजने वाले मामले में शामिल था.

ऑस्ट्रेलियाई अख़बार हेरल्ड सन ने एक स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिए इसका पर्दाफ़ाश किया था, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई पुलिस के अधिकारी ये वीडियो एक दूसरे को ई-मेल के ज़रिए भेज रहे थे.

इन अधिकारियों के ईमेल में इस वीडियो पर जो टिप्पणियाँ हैं उनमें लिखा गया था- भारतीय छात्रों को यहाँ जो परेशानियाँ हो रही हैं उससे निपटने के लिए शायद ये अच्छा तरीक़ा हो.

आपत्ति

भारत सरकार ने इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताई थी और ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त को बुलाकर अपनी नाराज़गी भी जताई थी.

भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त पीटर वर्गीज ने इस क़दम का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि इस फ़ैसले से यह साबित होता है कि विक्टोरिया पुलिस ने इस मामले को कितनी गंभीरता से लिया है.

पीटर वर्गीज ने एक बार फिर इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे ईमेल किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं. बर्ख़ास्त किए गए चार में से तीन पुलिस अधिकारी ईमेल से पोर्नोग्राफ़िक सामग्री भेजने के दोषी पाए गए हैं.

इन पुलिसकर्मियों की बर्ख़ास्तगी ऑपरेशन बैरट का हिस्सा है. ये अभियान इस साल जून में शुरू किया गया था. ऑपरेशन बैरट के तहत कई ईमेल की जाँच की गई, जो विक्टोरिया पुलिस सिस्टम का इस्तेमाल करके भेजी गई थी.

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