ईरान नवंबर में वार्ता के लिए तैयार

ईरानी परमाणु केंद्र
Image caption ईरान ने हाल ही में बुशहर परमाणु बिजली घर में ईंधन की आपूर्ति शुरू की थी

ईरान ने पश्चिमी देशों से कहा है कि वह 10 नवंबर के बाद अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में फिर से बातचीत करने के लिए तैयार है.

ईरान ने यूरोपीय संघ की विदेशी मामलों की प्रमुख बैरोनेस कैथरीन ऐश्टन के पास एक पत्र भेजकर बातचीत की मंशा जताई है.

बातचीत के लिए ईरान के सहमत होने की ख़बर अमरीका के ईरान के लिए ईंधन के अदल-बदल की एक योजना पर विचार करने की पुष्टि किए जाने के ठीक अगले दिन आई है.

ईरान ने इस तरह का पिछला प्रस्ताव ठुकरा दिया था जिसके तहत ईरान को 1200 किलोग्राम यूरेनियम को संवर्द्धन के लिए जहाज़ से बाहर भेजने का प्रस्ताव किया गया था.

अब कहा जा रहा है कि शायद इस मात्रा को बढ़ाकर 2000 किलोग्राम किया जा रहा है.

पश्चिमी देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर संदेह जताते हुए कहते हैं वो परमाणु बम बनाने का प्रयास कर रहा है मगर ईरान इससे इनकार करता है और कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए बना है.

सहमति

ब्रसेल्स में एक शिखर सम्मेलन में बैरोनेस ऐश्टन ने बताया कि उन्हें ईरान के मुख्य परमाणु वार्ताकार सईद जलीली का एक पत्र मिला है जिसमें दोनों पक्षों की सुविधा वाले स्थान और समय पर बातचीत की सहमति जताई गई है.

बैरोनेस ऐश्टन ने इससे पूर्व सईद जलीली को वियना में 15 से 17 नवंबर को बातचीत का निमंत्रण भेजा था.

इस बीच अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पी जे क्राउली ने न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी इस रिपोर्ट को सही बताया है कि अमरीका और उसके यूरोपीय मित्र ईरान के परमाणु ईंधन के संबंध में एक नए प्रस्ताव को अंतिम रूप देने पर सहमत होने के निकट पहुँच गए हैं.

पी जे क्राउली ने कहा, हमें आशा है कि यदि आनेवाले दिनों में ईरान के साथ बातचीत होती है तो हम उनके सामने एक संशोधित प्रस्ताव रख सकेंगे.

पुराने प्रस्ताव के तहत ये पेशकश की गई थी कि ईरान 1200 किलोग्राम यूरेनियम को संवर्द्धन के लिए बाहर भेज सकता है और उसके बदले में अपने मेडिकल शोध रिएक्टर के लिए उच्च कोटि का ईंधन ले सकता है.

मगर ईरान ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया.

अब अमरीकी अधिकारियों ने नए प्रस्ताव के बारे में तो कुछ नहीं बताया है लेकिन अख़बार टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार इसमें ईरान से कहा जाएगा कि वो 2000 किलोग्राम यूरेनियम को संवर्द्धन के लिए बाहर भेज सकता है.

वाशिंगटन स्थित बीबीसी संवाददाता के अनुसार संशोधित प्रस्ताव कुछ हद तक ये प्रदर्शित करने के लिए बनाया गया लगता है जिससे कि ये दिखे कि ओबामा प्रशासन तमाम उतार-चढ़ाव के बाद भी ईरान के साथ बातचीत करते रहने के अपने वादे पर टिका हुआ है.

संबंधित समाचार