दिसंबर में भारत आएंगे वेन

  • 29 अक्तूबर 2010
मनमोहन सिंह और वेन जिआबाओ

चीन के प्रधानमंत्री वेन जिआबाओ इस वर्ष के अंत तक भारत का दौरा करेंगे. शुक्रवार को वियतनाम की राजधानी हनोई में भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात के बाद वेन ने ये बात की.

इस वर्ष के अंत तक दुनिया के पांच सबसे शक्तिशाली देश अमरीका, ब्रिटेन, फ़्रांस, चीन और रुस के राष्ट्राध्यक्ष भारत का दौरा कर चुके होंगे.

हाल ही में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन भारत आए थे. अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा नवंबर में,रुस के राष्ट्रपति मेडवेडेव और फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोलाई सरकोज़ी दिसंबर में भारत आएंगें.

विश्लेषकों का कहना है कि ये वैश्विक मामलों में भारत के बढ़ते महत्त्व पर एक सकारात्मक टिप्पणी है.

शुक्रवार को चीन और भारत के प्रधानमंत्रियों के बीच 45 मिनट तक चली बातचीत के दौरान कई द्विपक्षीय मामलों पर चर्चा हुई. मनमोहन सिंह और वेन जिआबाओ इस बात पर सहमत थे कि दुनिया में दोनो देशों की उन्नति के लिए पर्याप्त स्थान है.

चीनी प्रधानमंत्री वेन का कहना था कि इसके लिए दोनों देशों के बीच सहयोग की ज़रूरत है.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने बताया कि दोनों ही पक्षों ने सीमा से जुड़े विवादों समेत सभी मुख्य मुद्दों पर बात की.

उन्होंने कहा कि नवंबर में दोनों ही पक्ष के विशेष दूत बीजिंग में मिलेंगे और सीमा विवादों के जल्द निपटारे के लिए काम करेंगे.

भारतीय कश्मीरियों को चीन की ओर से स्टेपल्ड वीज़ा यानि पासपोर्ट पर एक अलग कागज़ नत्थी करके वीज़ा देने की बात पर शिवशंकर मेनन का कहना था कि सभी मामलों पर बात हुई.

उनका कहना था कि दोनों ओर के अधिकारियों को इन सभी मामलों पर बात करने को कहा गया है और चीनी प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारी करने को कहा गया है.

माना जा रहा है कि दोनों नेताओं ने दोनों देशों के रिश्तों के आर्थिक आयाम पर भी बात की है. भारत की चिंता रही है कि दोनों देशों के बीच व्यापार का संतुलन चीन के पक्ष में झुका हुआ है.

भारत और चीन के प्रधानमंत्री आसियान और पूर्वी एशियाई देशों के शिखर सम्मेलनों में भाग लेने वियतनाम पहुंचे हैं.

भारत का दौरा

चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी के नियंत्रण वाले समाचार पत्र चाइना डेली की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि वेन इस वर्ष के अंत तक भारत का दौरा करेंगे.

ये दौरा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर होगा.

हनोई सम्मेलन की शुरुआत से पहले चीन ने इस बात पर ज़ोर दिया था कि वो भारतीय कश्मीरियों को 'स्टेपल्ड वीज़ा' यानी नत्थी वीज़ा देने की नीति में बदलाव नहीं करेगा.

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