फिर फूटा मेरापी ज्वालामुखी

माउंट मेरापी

इंडोनेशिया में माउंट मेरापी ज्वालामुखी शनिवार सुबह एक बार फिर फूटा हैं. ये ज्वालामुखी पिछले कुछ दिनों में तीसरी बार फूटा है. स्थानीय लोगों के अनुसार इसबार ज्वालामुखी के फटने की आवाज़ पहले से अधिक तीव्र और मज़बूत थी.

माउंट मेरापी पर मंगलवार को हुए पहले धमाकों में 35 लोग मारे गए थे.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक तीसरी बार ज्वालामुखी के फूटने से इलाक़े में अफ़रा-तफ़री का माहौल है. पुलिसकर्मियों और सैनिकों समेत सैकड़ों लोग कारों और मोटरसाईकिलों पर क्षेत्र बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं.

ज्वालामुखी से निकली राख 30 किलोमीटर दूर योग्याकर्ता नामक स्थान तक पहुंच रही है.

योग्यकर्ता में मौजूद ऑस्ट्रेलिया के एक फ़ोटोग्राफ़ी के छात्र मेट बर्गेस ने बीबीसी को बताया, "मैं नाइटक्लब में था जब मुझे एक दोस्त ने फ़ोन पर बताया कि क़स्बे में बहुत सारी ज्वालामुखी की राख की बारिश हो रही है. मैं बाहर गया और देखा कि राख बर्फ़ की तरह गिर रही है."

लेकिन अधिकारियों का कहना है कि योग्यकर्ता सुरक्षित है. ज्वालामुखी की निगरानी करने वाली संस्था के प्रमुख ने कहा है कि ज्वालामुखी के फटने से माउंट मेरापी के ईर्द-गिर्द सिर्फ़ 10 किलोमीटर के क्षेत्र को ख़तरा है.

शुक्रवार को भी माउंट मेरापी पर कई धमाके हुए थे लेकिन इन धमाकों में किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं मिली थी.

विस्थापित लोग

Image caption माउंट मेरापी मंगलवार को पहली बार फटा था. उस हादसे में 35 लोग मारे गए थे.

इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार माउंट मेरापी के आस-पास रहने वाले कम से कम 47 हज़ार लोगों ने सरकारी कैंपो और अपने दोस्तों या रिश्तेदारों के पास शरण ली हुई है.

लेकिन ऐसी ख़बरें भी हैं कि कुछ लोग अपने घर-बार और मवेशियां का हाल जानने के लिए प्रभावित क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं.

माउंट मेरापी के अलावा इंडोनेशिया में चार अन्य ज्वालामुखियों के लिए भी चेतावनी के स्तर को बढ़ा दिया गया है. इनमें से अनाक कराकटाऊ और मांउट सेमेरु में कुछ हरकत देखी जा रही है.

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