पार्सल बम के सिलसिले में महिला गिरफ़्तार

बरामद उपकरण

यमन की पुलिस का कहना है कि उसने पार्सल बम के सिलसिले में राजधानी साना से एक महिला को गिरफ़्तार किया है.

संदेह है कि इस महिला ने यमन से अमरीका जा रहे दो मालवाहक विमानों में विस्फोटक रखे थे. ये विस्फोटक दुबई और ब्रिटेन में बरामद कर लिए गए थे.

यमन के राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह ने कहा कि अमरीका और संयुक्त अरब अमीरात ने जो सूचनाएँ उपलब्ध कराईं थीं, उनके आधार पर महिला को गिरफ़्तार किया गया है.

इधर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सऊदी अरब के शाह अब्दुल्ला को फ़ोन कर इन पैकटों के बारे में ख़ुफिया सूचना देने के लिए शुक्रिया अदा किया.

राष्ट्रपति ओबामा ने ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन को भी फ़ोन किया और ब्रितानी गुप्तचर सेवा की इन विस्फोटकों को निष्क्रिय करने में भूमिका की तारीफ़ की.

साथ ही यमन के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने 20 से अधिक संदिग्ध पैकेट पकड़े हैं.

इसके पहले यमन से अमरीका जा रहे दो मालवाहक विमानों में से दुबई और ब्रिटेन में विस्फोटक बरामद किए गए थे.

ब्रिटेन की गृहमंत्री टेरेसा मे ने इस बात की पुष्टि की कि ब्रिटेन के ईस्ट मिडलैंड्स हवाई अड्डे पर कार्गो विमान से बरामद पैकेट एक सक्षम विस्फोटक था जो विमान में धमाका कर सकता था.

टेरेसा मे ने कहा, ''हमारी आरंभिक जांच ख़त्म हो चुकी है और अब मैं इस बात की पुष्टि कर सकती हूं कि जो उपकरण मालवाहक विमान से बरामद किया गया था, वो सक्षम विस्फोटक था. इसका निशाना मालवाहक विमान हो सकता था और अगर इसमें धमाका हो जाता तो विमान गिर सकता था.''

उधर दुबई की पुलिस ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि कार्गो विमान से मिला संदिग्ध पैकेट एक बम था.

जांचकर्ताओं का कहना है कि इस पैकेट में कंप्यूटर प्रिंटर का एक इंक कार्ट्रिज था जो पीईटीएन नाम के विस्फोटकों से भरा था.

जांचकर्ताओं के मुताबिक ये उपकरण बिजली के सर्किट और मोबाइल फोन के सिम कार्ड से जुड़ा था.

पीईटीएन वही विस्फोटक है जिसका इस्तमाल पिछले साल दिसंबर में एक अमरीकी विमान को उड़ाने की नाक़ाम कोशिश में हुआ था.

सुरक्षा कड़ी की गई

दूसरी ओर यमन की राजधानी साना की सड़कों पर सशस्त्र सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अधिकारियों ने दो बड़ी अमरीकी कारगो कंपनियों-फ़ैडेक्स और यूपीएस के यमन स्थित दफ़्तर बंद करवा दिए हैं.

Image caption इन पैकेटों के बरामद होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है

इन पैकेटों पर शिकागो के यहूदी उपासना स्थलों का पता लिखा था और इनमें पीईटीएन नामक विस्फोटक था जो इसके पहले यमन स्थित अल क़ायदा के लोग इस्तेमाल करते आए हैं.

ब्रिटेन का कहना है कि उसने यमन से आने वाले मालवाहक विमानों की अपने हवाई अड्डों पर आवाजाही बंद कर दी है.

इन पैकेटों के बाद दुनियाभर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

दरअसल यमन से अमरीका के लिए उड़े दो कार्गो विमानों में ये पैकेट दुबई और ब्रिटेन के हवाई अड्डों पर बरामद किए गए थे.

ब्रिटेन के हवाई अड्डे पर कार्गो विमान से मिला 'उपकरण' प्रिंटर का एक रूपांतरित 'इंक कार्टिज' जैसा था.

अमरीका की गृहमंत्री जैनेट नेपोलिटानो ने कहा कि इन उपकरणों की जांच के बाद शक की सुई ख़ास तौर से यमन स्थित अल क़ायदा गुट की ओर जाती है.

अमरीकी गृहमंत्री जैनेट नेपोलिटानो का कहना, ''इस मामले में सभी सुराग़ अल क़ायदा की ओर ही इशारा करते हैं. लेकिन जांच अभी जारी है. एक तरफ़ जहां हमारे विरोधी हमेशा व्यवस्था कमिया ढूंढ कर साज़िश को अंजाम देने की कोशिश में लगे रहते हैं, वहीं हम ये सुनिश्चित कर रहे हैं कि हम समस्या की जड़ तक पहुंचे और उससे सख्ती से निपटें.''

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के आतंकवाद निरोधक सलाहकार जॉन ब्रैनन का कहना था कि अल क़ायदा की पूरी कोशिश है कि सुरक्षा व्यवस्था में ख़ामियों का पता लगाकर उनका फ़ायदा उठाया जाए.

हालांकि यमन का कहना है कि कि एक संदिग्ध उपकरण को ले जाने वाला यूपीएस विमान यमन से नहीं उड़ा था. बताया जाता है कि हाल ही के कुछ महीनों में अल क़ायदा और उससे जुड़े गुटों ने यमन में क़ानून और व्यवस्था की ख़स्ता हालत का फ़ायदा उठाते हुए वहां अपने अड्डे बनाए हैं और इन पर नियंत्रण में सरकार की नाकामी की वजह से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर और ख़तरा मंडराने लगा है.

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