ब्राज़ील की पहली महिला राष्ट्रपति

Image caption डिल्मा रौसेफ़ जीतती हैं तो वो ब्राज़ील की पहली महिला राष्ट्रपति होंगी

ब्राज़ील के राष्ट्रपति पद के चुनावों में सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की उम्मीदवार डिल्मा रूसेफ़ जीत गई हैं. वो ब्राज़ील की पहली महिला राष्ट्रपति हैं.

डिल्मा रूसेफ़ को 54 फ़ीसदी मत हासिल हुए जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी जोस सेरा को 45 फ़ीसदी मत हासिल हुए हैं.

डिल्मा रूसेफ़ को मौजूदा राष्ट्रपति लूला का समर्थन हासिल था.

लूला डिसिल्वा देश के लोकप्रिय राष्ट्रपति रहे हैं लेकिन वो लगातार दो कार्यकाल पूरे कर चुके हैं और ब्राज़ील के संविधान के मुताबिक वो तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकते हैं.

उन्होंने अपनी पार्टी की ओर से डिल्मा रूसेफ़ को चुनाव मैदान में उतारा था.

चुनौतियाँ

तीन अक्तूबर को पहले चरण का चुनाव हुआ था और रूसेफ़ को मज़बूत बढ़त ज़रूर मिली थी लेकिन अनिवार्य 50 प्रतिशत वोट नहीं मिल पाए थे. उन्हें 47 प्रतिशत और उनके प्रतिद्वंद्वी को 33 प्रतिशत वोट मिले थे, जिसके कारण चुनाव का दूसरा चरण आयोजित करना पड़ा.

उल्लेखनीय है कि जहाँ दुनिया के ज़्यादातर देश अर्थव्यस्था में सुस्ती का सामना कर रहे हैं वहीं ब्राज़ील में भारत की ही तरह ज़ोरदार तेज़ी दिख रही है.

ब्राज़ील की चुनौतियाँ भारत से काफ़ी मिलती-जुलती हैं. वहाँ तेज़ गति से विकास तो हो रहा है लेकिन आबादी का एक बड़ा हिस्सा अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है.

अगले राष्ट्रपति के समक्ष आधारभूत सुविधाओं का विकास, शिक्षा के स्तर में सुधार और लोगों के लिए नए अवसर पैदा करना जैसी चुनौतियाँ होंगी.

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