ख़ून-ख़राबे के बीच छुड़ाए गए बंधक

बग़दाद

इराक़ की राजधानी बग़दाद में एक कैथलिक चर्च में रविवार से चल रहा बंधक ड्रामा ख़त्म हो गया है. लेकिन बंधकों को छुड़ाने की कोशिश में कम से कम 52 लोगों की मौत हो गई.

इराक़ के आंतरिम मामलों के उपमंत्री मेजर जनरल हुसैन कमाल ने यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान छह हमलावर भी मारे गए हैं.

हालाँकि अन्य सूत्रों का दावा है कि मरने वालों की संख्या कम है. शाम को होने वाली प्रार्थना के दौरान इस चर्च में क़रीब 100 लोग मौजूद थे.

बंदूकधारियों ने इन लोगों को बंधक बनाया और जेल में बंद अल क़ायदा चरमपंथियों की रिहाई की मांग की.

स्थानीय टीवी चैनल अल बग़दादिया का कहना है कि अपने को हमलावरों में से एक कहने वाले व्यक्ति ने फ़ोन करके इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक़ का सदस्य होने का दावा किया था.

इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक़ को एक सुन्नी चमरपंथी गुट से संबंध संगठन माना जाता है. ये भी माना जाता है कि इसके तार अल क़ायदा से भी जुड़े हैं.

ये चर्च बग़दाद के करादा ज़िले में स्थित है. इस इलाक़े के लोगों को रविवार शाम पाँच बजे के आसपास पहली बार धमाके की आवाज़ सुनाई दी. जिसके बाद गोलीबारी भी हुई.

पुलिस का कहना है कि बंदूकधारियों ने पहले इराक़ स्टॉक एक्सचेंज की इमारत पर हमला किया और फिर इस चर्च में घुस गए. इस दौरान उनकी कुछ गार्डों के साथ झड़प हुई और गोलीबारी में कुछ गार्ड्स मारे भी गए.

निशाना

बग़दाद से बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर के मुताबिक़ ऐसा लगता है कि चर्च ही हमलावरों का असली निशाना था.

चर्च के अंदर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी की मानें तो बंदूकधारियों ने चर्च के अंदर आते ही पादरी की हत्या कर दी. अपना नाम न ज़ाहिर किए जाने की शर्त पर उन्होंने बताया कि वहाँ मौजूद लोगों को पीटा भी गया.

इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने चर्च को घेर लिया और हेलिकॉप्टरों से भी निगरानी रखी गई.

चरमपंथियों ने मोबाइल फ़ोन से अधिकारियों से संपर्क किया और अल क़ायदा के क़ैदियों की रिहाई की मांग की. उन्होंने मिस्र में क़ैद महिलाओं की भी रिहाई की मांग की. उनका दावा था कि कॉप्टिक चर्च ने इन महिलाओं को क़ैद कर रखा है.

लेकिन बातचीत का कोई हल नहीं निकला और फिर सुरक्षाबलों ने चर्च में घुसकर कार्रवाई करने का फ़ैसला किया.

कार्रवाई शुरू होने के साथ ही धमाके और गोलीबारी की आवाज़ें तेज़ हो गई. माना जाता है कि बंदूकधारियों ने ग्रेनेड फेंके और धमाका भी किया.

प्रत्यक्षदर्शियों ने इस कार्रवाई में अमरीकी सैनिकों और अमरीकी हेलिकॉप्टरों के भी शामिल होने की बात कही है लेकिन ये पता नहीं चला कि किस स्तर पर वे शामिल थे.

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