'पाकिस्तानियों के साथ भेदभाव'

वीज़ा
Image caption ब्रिटेन में वीज़ा नियमों में पिछले कुछ साल अधिक सख्ती आई है

ब्रिटेन में विदेशी लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखने वाली एजेंसी का कहना है कि वीज़ा दिए जाने के मामले में पाकिस्तान के लोगों को अन्य देशों के लोगों के मुक़ाबले भेदभाव का सामना करना पड़ता है.

यूके बॉर्डर एजेंसी के प्रमुख का कहना है कि पाकिस्तान के लोगों का ब्रिटेन में दाख़िल होना मुश्किल होता जा रहा है क्योंकि उनके साथ अतिरिक्त सख़्ती बरती जाती है.

ब्रिटेन में पाकिस्तानी मूल के दस लाख से अधिक लोग रहते हैं, वीज़ा आवेदन की संख्या के हिसाब से पाकिस्तान चौथे नंबर पर है.

यूके बॉर्डर एजेंसी के प्रमुख जॉन वाइन ने कहा है कि पाकिस्तान में वीज़ा का आवेदन करने वाले लोगों के साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं हो रहा है.

जॉन वाइन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पाकिस्तान में वीज़ा आवेदन करने वाले लोगों के लिए रखी गई शर्तें अपेक्षाकृत कठिन हैं, वीज़ा न मिलने पर अक्सर उन्हें अपील करने का अवसर नहीं दिया जाता, इसके अलावा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है.

इस रिपोर्ट में उदाहरण देकर बताया गया है कि वीज़ा अधिकारी खाड़ी के देशों से आने वाले लोगों और पाकिस्तानी लोगों के साथ अलग-अलग व्यवहार करते हैं.

जॉन वाइन ने यूके बॉर्डर एजेंसी के कर्मचारियों से कहा है कि वे ब्रिटेन के 'नस्ली समानता' के क़ानून का सम्मान करते हुए काम करें.

इस रिपोर्ट के बारे में प्रतिक्रिया देते हुए इमिग्रेशन मामलों के मंत्री डैमियन ग्रीन ने कहा कि कई मामलों में ग़लत तरीक़े से वीज़ा लेने की कोशिश करने वाले लोगों पर नियंत्रण रखने के लिए कड़े नियम लागू करना ज़रूरी होता है.

ग्रीन ने कहा कि 2008 में पाकिस्तान से आने वाले लोगों के लिए वीज़ा नियमों में सुरक्षा कारणों से परिवर्तन किए गए थे.

संबंधित समाचार