बीबीसी में एनयूजे सदस्यों की हड़ताल

  • 5 नवंबर 2010
बीबीसी हड़ताल
Image caption एनयूजे सदस्यों ने बीबीसी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था

पेंशन योजना में प्रस्तावित बदलाव के ख़िलाफ़ बीबीसी में कर्मचारियों के संगठन नेशनल यूनियन ऑफ़ जर्नलिस्ट (एनयूजे) के सदस्य 48 घंटे की हड़ताल पर है.

ये हड़ताल ब्रिटेन के समय के मुताबिक़ मध्यरात्रि 12 बजे से शुरू हुई है और 48 घंटे चलेगी.

बीबीसी में एनयूजे के 4100 सदस्य हैं. पिछले दिनों एनयूजे के सदस्यों ने पेंशन पर बीबीसी के 'आख़िरी' प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और हड़ताल के पक्ष में वोट दिया.

माना जा रहा है कि इस हड़ताल के कारण समाचार कार्यक्रमों पर असर पड़ सकता है. एनयूजे ने 15 और 16 नवंबर को भी हड़ताल करने की योजना बनाई है.

बीबीसी के महानिदेशक मार्क थॉम्पसन ने कहा है कि हड़ताल के कारण पेंशन घाटा कम नहीं होगा.

बीबीसी कर्मचारियों को भेजे ईमेल में थॉम्पसन ने कहा है, "हड़ताल के कारण कुछ कार्यक्रमों का प्रसारण बंद हो सकता है और कुछ की गुणवत्ता पर असर हो सकता है. लेकिन हड़ताल के कारण पेंशन घाटा कम नहीं हो सकता."

रुकावट

दूसरी ओर एनयूजे के महासचिव जेरेमी डियर का कहना है कि बीबीसी कर्मचारियों ने पेशकश को ठुकरा दिया है और कर्मचारियों के पास हड़ताल के अलावा कोई चारा नहीं था.

ब्रॉडकॉस्टिंग यूनियन बेक्टू ने बीबीसी की पेशकश को स्वीकार किया था.

तकनीकी और प्रोडक्शन कर्मचारी बेक्टू के सदस्य हैं. एनयूजे का दावा है कि बीबीसी रेडियो और टीवी के न्यूज़ प्रोग्राम या तो प्रसारित ही नहीं होंगे या इनमें बड़ी रुकावट आएगी.

बीबीसी और कर्मचारी संगठनों में उस समय विवाद खड़ा हो गया था, जब पेंशन घाटे को 1.5 अरब पाउंड कम करने की योजना आई थी. बीबीसी ने इसके तहत पेंशन खाते में कर्मचारियों के योगदान को अगले अप्रैल से एक फ़ीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था.

बाद में बीबीसी ने अपने प्रस्ताव में बदलाव लाते हुए ये कहा कि अब कर्मचारियों को पेशन योजना के तहत सात प्रतिशत की जगह छह प्रतिशत ही देना पड़ेगा. लेकिन एनयूजे सदस्यों ने इस प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया.

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