मुस्लिम जगत से ग़लतफ़हमी ख़त्म हो: ओबामा

बराक ओबामा इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के साथ
Image caption ओबामा ने कहा कि मुस्लिम जगत और पश्चिम देशों के बीच अविश्वास की कोशिशों में प्रगति हुई है.

भारत की यात्रा के बाद इंडोनेशिया पहुंचे अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि अमरीका और मुस्लिम देशों के बीच ग़लतफ़हमी और अविश्वास को समाप्त करने की कोशिशों में प्रगति हुई है.

इंडोनेशिया विश्व का सबसे बड़ा मुस्लिम राष्ट्र है.

राजधानी जकार्ता में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुसीलो बाम्बांग यूद्धोयोनो के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में ओबामा ने कहा कि ये प्रयास अभी अधूरे हैं.

बराक ओबामा ने कहा कि पश्चिमी देशों और मुस्लिम देशों के बीच संबंधों में आतंकवाद और अतिवाद का मुद्दा ही छाया रहता है और अब इन रिश्तों में सुरक्षा से जुड़े विषयों के अलावा भी बातचीत होनी चाहिए.

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 1960 के दशक में अपने बचपन के चार साल इंडोनेशिया में गुज़ारे थे.

शायद इसीलिए ओबामा के लिए इंडोनेशिया का ये दौरा व्यक्तिगत तौर बहुत अहम है. वे इंडोनेशिया का दौरा इससे पहले दो बार स्थगित करना चुके हैं.

ओबामा कहा कि वो विश्व के तीसरे सबसे बड़े लोकतंत्र का दोस्त होने पर गर्व करते हैं.

ओबामा ने इंडोनेशिया के साथ कई व्यापारिक समझौतों का भी ऐलान किया.

अमरीका और इंडोनेशिया के समझौते

Image caption बराक ओबामा ने बचपन के चार वर्ष इंडोनेशिया में गुज़ारे हैं.

इंडोनेशिया और अमरीका ने राष्ट्रपतियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा है कि दोनों देश आर्थिक विषयों, सुरक्षा मामलों और जलवायू परिवर्तन पर सहयोग का विस्तार करेंगे.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि अमरीका-इंडोनेशिया के बीच व्यापारिक संबंधों का विस्तार होगा जिससे समृद्धि बढ़ेगी.

ओबामा ने बर्मा में हुए चुनावों की आलोचना करते हुए लोकतंत्र की हिमायती नेता आंग सान सू ची की रिहाई की मांग की.

बराक ओबामा बुधवार को जकार्ता में दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद में एक भाषण देंगे.

जून 2009 में काहिरा में दिए गए भाषण के बाद ये मुस्लिम जगत को मुख़ातिब सबसे हाई-प्रोफ़ाइल भाषण समझा जा रहा है.

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