मुद्रा के अवमूल्यन से बचें: मनमोहन

  • 12 नवंबर 2010
मनमोहन सिंह
Image caption भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुद्रा विनिमय दरों में लचीलेपन पर ज़ोर दिया है

सिओल में हो रहे जी20 सम्मेलन में मु्द्रा विवाद के बीच भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुद्रा के अवमूल्यन से बचने और अर्थव्यवस्थाओं को बंद रखने की पहल को रोकने की अपील की है.

शुक्रवार को सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, "किसी भी क़ीमत पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच हमें मुद्रा के अवमूल्यन से बचना होगा और अर्थव्यवस्थाओं को बंद रखने की पहल का विरोध करना होगा."

उल्लेखनीय है कि अमरीका चाहता है कि बाज़ार की चाल के मुताबिक़ चीन अपनी मु्द्रा के मूल्य को व्यवस्थित करें, वहीं चीन इससे बचता रहा है.

अमरीका का कहना कि चीन जानबूझ कर अपनी मुद्रा को कमज़ोर रखता है ताकि उसे निर्यात में फ़ायदा हो.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "अर्थव्यवस्थाओं की वर्तमान स्थिति को स्थिर रखने के लिए मुद्रा विनिमय दरों में लचीलापन एक ज़रूरी साधन है और हमारी नीतियों में यह दिखना चाहिए."

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने आगे कहा, "जिन देशों का विदेशी मुद्रा भंडार ज्यादा है उनकी यह विशेष ज़िम्मेदारी है कि वे इस बात का ध्यान रखें कि मौद्रिक नीतियों से पूंजी के प्रवाह में असंतुलन पैदा ना हो. इससे उभर रहे बाज़ारों पर दबाव बढ़ सकता है."

बातचीत को गति

प्रधानमंत्री ने कहा कि उभरते हुए बाजारों ने विशेष तौर पर एशिया में कुल मिला कर अच्छा प्रदर्शन किया है.

उन्होंने कहा कि वित्तीय संकट से उबर कर भारत ने फिर से विकास की गति पकड़ ली है और 2010-11 के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है.

मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई है कि 2011-12 के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर नौ प्रतिशत तक हो सकती है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के सुधार की दिशा में सिओल सम्मेलन में प्रगति हुई है.

उन्होंने कहा, "उभरते बाज़ार वाले देशों के लिए छह प्रतिशत की कोटा पर हमारी सहमति बनी है. साथ ही यूरोप के देशों के प्रतिनिधित्व को घटा कर परिषद के पुर्नगठन की बात पर भी सहमति बनी है."

अपने संबोधन के आख़िर में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि दुनिया में छाई मंदी के बाद अर्थव्यवस्थाओं को बंद रखने की कवायद बढ़ी है, इसे रोकने के लिए हमें कारोबार के लिए बातचीत को गति देनी होगी.

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