सू ची पार्टी दफ़्तर पहुंची

आंग सान सू ची
Image caption सू ची आज पत्रकारों से भी बातचीत कर सकती हैं.

बर्मा की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची ने अपने समर्थकों से कहा है कि उन्हें उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए और ना ही अपना दिल छोटा करना चाहिए.

अपनी रिहाई के एक दिन बाद राजधानी रंगुन में अपनी पार्टी नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी के मुख्यालय में हज़ारों समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की बुनियाद है. उन्हें अपने समर्थकों से कहा कि अगर वो चाहते हैं कि बदलाव हो तो उन्हें सही रास्ते पर चलना होगा.

सू ची जैसे अपने घर से पार्टी मुख्यालय की ओर चली उनके हज़ारों समर्थकों ने उनकी कार को घेर लिया.

घर में सात साल तक नज़रबंद रहने के अपने अनुभवों के बारें में बोलते हुए सू ची ने कहा कि जिन्होंने उनको नज़रबंद रखा उनके मन में उन लोगों के लिए किसी प्रकार का विद्वेष नहीं है.

उन्होंने कहा कि वो बंदी के दौरान भी रोज़ाना छह घंटे तक ख़बरों का प्रसारण सुनती थी इसलिए उन्हें पता है कि जनता क्या चाहती है.

उन्हें शनिवार को रिहा किया गया था.

आंग सान सू ची रविवार को विदेशी कूटनीतिज्ञों से भी मुलाक़ात करने वाली हैं.

अपनी नज़रबंदी ख़त्म होने की सूचना के बाद आंग सान सू ची अपने घर से बाहर निकलीं और मुख्य द्वार पर आकर हज़ारों समर्थकों का अभिवादन किया.

लेकिन इस मौक़े पर वो कुछ अधिक नहीं बोल पाईं क्योंकि हज़ारों कार्यकर्ता ख़ुशी से नारे लगा रहे थे.

आंग सान सू ची की रिहाई बर्मा में आम चुनाव के बाद हुई है. इन चुनावों में सेना से संबंध रखने वाली पार्टी की जीत हुई है.

इन चुनावों की विश्वसनीयता पर भी कई सवाल उठाए गए हैं.

प्रतिक्रिया

आंग सान सू ची की रिहाई का दुनिया भर में स्वागत हुआ है.

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि सू ची उनके नायकों में से एक हैं.

ओबामा ने कहा, " वे मेरे लिए एक हीरो हैं, साथ ही वे उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं जो बर्मा और विश्व भर में मानवाधिकारों के हित में काम करना चाहते हैं."

क्षेत्रीय समूह आसियान के प्रमुख ने सू ची के रिहा होने पर राहत का इज़हार किया है.

उधर संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रमुख बान की-मून ने बर्मा की सरकार से सभी राजनीतिक क़ैदियों को रिहा करने को कहा है.

सू ची के वकीलों का कहना है कि सरकार ने सू ची को रिहा करने के बदले देश में घूमने-फिरने या राजनीति करने पर रोक जैसी कोई शर्त नहीं लगाई.

सू ची की पार्टी नेशनल लीग फ़ॉर डेमोक्रेसी से अलग हुए एक धड़े के नेता खिन मांउग स्वे ने कहा है कि है सू ची की रिहाई बर्मा में सभी लोकतांत्रिक गुटों के लिए उत्सहावर्धक ख़बर है.

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