इसराइल के लिए अमरीका की नई पेशकश

यहूदी बस्ती
Image caption पश्चिमी तट पर 10 महीनों तक यहूदी बस्ती बनाने का काम रोकने की मियाद 26 सितंबर को ख़त्म हो गई.

राजनयिक सूत्रों के अनुसार अमरीका ने इसराइल को पश्चिमी तट में बनाई जा रही यहूदी बस्तियों को रोकने के बदले कुछ विशेष पैकेज देने की पेशकश की है.

इस प्रस्ताव के तहत इसराइल से 90 दिनों तक पश्चिमी तट में बन रहे बसावट का काम रोकने की अपील की गई है.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने गुरूवार को न्यूयॉर्क में इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से मुलाक़ात के दौरान इस पर चर्चा की.

इसराइल का शीर्ष नेतृत्व और कैबिनेट इस प्रस्ताव पर विचार विमर्श कर रहा है. रविवार को पूरी कैबिनेट के सामने ये प्रस्ताव पेश किया जाएगा.

यहूदी बस्तियों के मुद्दे पर ही सितंबर में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के ज़रिए शुरु किए गए शांति वार्ता के प्रयासों को धक्का लगा था.

शांति वार्ता

लगभग 20 महीनों के बाद ओबामा के प्रयासों से अमरीका में इसराइल और फ्लस्तीन के बीच शांति वार्ता की शुरूआत हुई थी.

सितंबर के मध्य में फ्लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास और इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के बीच शर्म अल शेख़ और यरूशलम में सीधी बातचीत हुई थी.

लेकिन ये बातचीत टूट गई जब इसराइल ने अपने क़ब्ज़े वाले इलाके में नई बस्तियों पर कुछ समय के लिए लगी पांबंदी को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था.

फ़्लस्तीनियों का कहना है कि जब तक इसराइल यहूदी बस्तियों को बसाने का काम बंद नहीं करता वो बातचीत नहीं करेंगें.

अमरीका हमेशा से यह कहता रहा है कि यहूदी बस्तियों को बसाने का काम जारी रखने से शांति वार्ता पर प्रतिकूल असर पड़ेगा.

अमरीका पिछले दो महीने से इसराइल को इसे रोकने के लिए तैयार करने की कोशिश करता रहा है और इसके बदले में उसे विशेष पैकेज देने की पेशकश करता रहा है.

अब सामने आई जानकारी के मुताबिक़ अमरीका ने इसराइल को 90 दिनों तक काम रोकने के बदले सुरक्षा से जुड़े कई मामलों पर इसराइल का साथ देने का वादा किया है, साथ ही इसराइल के खिलाफ किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रस्ताव पर इसराइल का साथ देने का वादा किया है.

अगर इसराइल इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता है तो उम्मीद है कि फलस्तीनी नेतृत्व बातचीत के लिए तैयार हो जाएगा.

अमरीका को उम्मीद है कि उन तीन महिनों के दौरान काफ़ी गंभीर बातचीत हो सकेगी जिनमें भविष्य के फ़लस्तीनी राज्य की सीमा क्या होगी इस पर भी बातचीत हो सकेगी.

पिछले महीने नेतन्याहू ने पश्चिमी तट में यहूदी बस्तियों पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया था बशर्ते की फलस्तीनी इसराइल को एक यहूदी राज्य स्वीकार करले लेकिन फलस्तीनी नेतृत्व ने उस सुझाव को अनुचित और गैरज़रूरी बताते हुए ठुकरा दिया था.

इसराइल ने पूर्वी यरूशलम समेत पश्चिमी तट पर 1967 से क़ब्ज़ा कर रखा है जहां उसने लगभग 100 बस्तियों में पांच लाख यहूदियों को बसा दिया है. अंतरराष्ट्रीय क़ानून के मुताबिक़ इन बस्तियों को ग़ैर क़ानूनी माना जाता है लेकिन इसराइल इसको नहीं मानता है.

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