मेडागास्कर में 'सेना विद्रोह'

  • 17 नवंबर 2010
मेडागास्कर में जनमत संग्रह
Image caption घटनाक्रम ऐसे दिन हुआ है जब मेडागास्कर में नए संविधान के ऊपर जनमत संग्रह हो रहा है

हिंद महासागर के द्वीपीय देश मेडागास्कर में सैनिक अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने सरकार अपने हाथ में ले ली है.

हालाँकि सरकार का दावा है कि सत्ता की कमान अभी भी उनके हाथ में है.

वर्तमान सरकार की रक्षा कैबिनेट के अध्यक्ष ने बीबीसी के एक संवाददाता से कहा है कि सैन्य अधिकारियों का एक छोटा गुट कुछ गड़बड़ी की कोशिश कर रहा है.

उन्होंने कहा कि ये गुट संविधान पर होनेवाले जनमत संग्रह के दिन हंगामा करना चाहता है.

इस जनमत संग्रह के बाद वर्तमान नेता आंज्राड ज़ुएल अनिर्धारित समय तक सत्ता में बने रह सकते हैं.

सैन्य अधिकारियों के एक गुट की ओर से की गई घोषणा में कहा गया है कि उन्होंने सरकारी संस्थाओं को भंग कर एक शासकीय समिति बना ली है.

उन्होंने बाक़ी सेना से भी सहयोग माँगा है.

अस्थिरता

मेडागास्कर लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है.

सत्ता अपने हाथ में लेने की घोषणा कर्नल चार्ल्स ऐन्ड्रियानासोआविना नामक एक ऐसे सैन्य अधिकारी ने की है जो पिछले साल हुए विद्रोह में सहयोग करनेवाले अधिकारियों में शामिल थे.

पिछले साल मार्च में सेना के सहयोग से हुए विद्रोह के बाद आंज्राड ज़ुएल ने तत्कालीन राष्ट्रपति मार्क रावलूमेनन को सत्ता से हटाकर अपना नियंत्रण कर लिया बनाई.

लेकिन सत्ता में आने के बाद आंज्राड ज़ुएल कूटनीतिक तौर पर काफ़ी अलग-थलग पड़ गए और उन्होंने विपक्ष के साथ सहमति करवाने के लिए क्षेत्रीय मध्यस्थों के प्रयासों को भी कोई महत्व नहीं दिया.

अब सत्ता हाथ में लेनेवाले सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि वे मेडागास्कर की जनता राजनीतिक संकट के सुलझने की प्रतीक्षा करते-करते थक चुकी है और इसलिए सेना अधिकारी चाहते हैं कि देश में कोई राष्ट्रीय सहमति बने.

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