न्यूज़ीलैंड: खदान में विस्फोट, 30 लापता

न्यूज़ीलैंड की कोयला खदान
Image caption पाईक रिवर कोयला खदान दक्षिणी द्वीप पर स्थित है.

न्यूज़ीलैंड की एक भूमिगत कोयला खदान में विस्फोट के बाद लापता हुए 30 खनिकों को बाहर निकालने के लिए तकनीकी कोशिशें तेज़ कर दी गई हैं.

विस्फोट के बाद से अब तक खनिकों से संपर्क नहीं हो पाया है. यह विस्फोट दक्षिणी द्वीप पर स्थित पाइक रिवर कोयला खदान में हुआ है.

पुलिस अधिकारियों को डर है कि खदान में ज़हरीला धुआं फैल सकता है.

उनका कहना है कि खदान के आसपास के इलाके में बिजली की आपूर्ती बाधित होने के चलते खदान में सांस लेने के लिए लगाई गई मशीनें भी ठीक से काम नहीं कर पा रही हैं.

खदान पर मालिकाना हक़ रखने वाली कंपनी जॉन डाओ के अध्यक्ष का कहना है कि खदान में उतरने वाले सभी श्रमिकों के पास आधे घंटे तक चलने वाले ऑक्सीजन सिलेंडर मौजूद हैं.

गहरा धुआँ

हवाई जहाज़ से उस इलाक़े को देखकर लौटे एक कैमरामैन का कहना है कि दुर्घटनास्थल के आसपास के इलाक़े में झुलसे हुए पेड़ दिख रहे थे.

उनका कहना है कि वहाँ गहरा धुआँ छाया हुआ है.

लोगों को मदद और राहत पहुँचाने के लिए वहाँ एंबुलेंस और हेलीकॉप्टर पहुँच चुके हैं.

कुछ लापता खनिकों के परिवार वाले भी घटनास्थल पर मौजूद हैं.

खनिकों की स्थिति

उर्जा मंत्री गेरी ब्राउनली ने कहा है कि अभी तक खनिकों की स्थिति के बारे में कोई समाचार नहीं है.

उन्होंने कहा कि ये भी नहीं पता चल पाया है कि विस्फोट किस कारण से हुआ.

हाल में ही चिली में हुई एक खान दुर्घटना में 33 खनिक 69 दिनों तक खदान में फंसे रहे थे.

बाद में एक शाफ्ट को ड्रिल कर खदान के भीतर भेजा गया और उन्हें बाहर निकाला गया.

चिली की ये दुर्घटना एक चट्टान खिसकने से हो गई थी जिससे खनिकों के बाहर आने का रास्ता बंद हो गया था.

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