हादसे के बाद शोक में डूबा कंबोडिया

  • 23 नवंबर 2010
भगदड़ से मौत

कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन ने राजधानी नॉम पेन में वाटर फ़ेस्टिवल के दौरान मची भगदड़ में मारे गए लोगों की स्मृति में शोक दिवस की घोषणा की है. इस हादसे में कम से कम 350 लोग मारे गए हैं.

कंबोडिया के प्रधानमंत्री ने इस हादसे की जाँच का आश्वासन दिया है.

प्रधानमंत्री हुन सेन ने कहा है कि 70 के दशक में खमेर रूज शासनकाल के दौरान बड़े पैमाने पर हुई हत्याओं के बाद ये कंबोडिया का सबसे बड़ा हादसा है.

उन्होंने मृतकों के परिवारजनों को अंतिम संस्कार के लिए 1250 डॉलर देने की घोषणा की है.

दूसरी ओर अधिकारी इस भगदड़ में मारे गए लोगों को पहचानने के काम में लगे हैं. इस हादसे में सैकड़ों लोग घायल भी हुए हैं.

ये हादसा वाटर फ़ेस्टिवल के दौरान हुआ. दरअसल भगदड़ एक पुल पर मची जो एक नदी पर बना है और एक द्वीप तक ले जाता है.

एक प्रत्यक्षदर्शी ने एपी समाचार एजेंसी को बताया कि भगदड़ तब शुरु हुई जब भीड़ में मौजूद 10 लोग बेहोश हो गए.

कंबोडिया आए ऑस्ट्रेलियाई नागरिक शॉन नगू ने बीबीसी को बताया कि पुल पर बहुत बड़ी संख्या में लोग थे और हर तरफ़ से धक्कामुक्की हो रही थी जिस कारण बीच में खड़े लोग ज़मीन पर गिर गए और कुचले गए.

भारी भीड़

वाटर फ़ेस्टिवल के आख़िरी दिन बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे.

Image caption इस हादसे में सैंकड़ों लोग घायल भी हुए हैं

ये कंबोडिया का एक बड़ा उत्सव है. डायमंड द्वीप पर एक कॉन्सर्ट के बाद वहाँ नौका दौड़ हो रही थी जिसे देखने काफ़ी लोग आते हैं.

पुल पर बहुत ज़्यादा भीड़ जमा हो गई थी और कुछ लोग गिरने के बाद दूसरे लोगों के पैरों के नीचे कुचले गए और कुछ नदी में गिर गए. यहीं से मामला बिगड़ना शुरु हुआ.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सैकड़ों लोग ज़मीन पर घायल पड़े. आपात सेवाओं की कमी के कारण लोगों को अस्पताल ले जाने में दिक्कत हो रही है.

वाटर फ़ेस्टविल में कंबोडिया के ग्रामीण इलाक़ों से करीब 20 लाख लोग आते हैं जहाँ तीन दिनों तक नौका रेस, संगीत और नृत्य का कार्यक्रम चलता है.

कई दशकों तक चले युद्ध के बाद 1990 में इस उत्सव को दोबारा शुरु किया गया था.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार