दस साल बाद सू ची मिलीं बेटे से

  • 23 नवंबर 2010
सू ची अपने बेटे किम एरिस के साथ

बर्मा की लोकतंत्र समर्थक नेता आंग सान सू ची के छोटे बेटे किम एरिस को अपनी मां से मिलने के लिए बर्मा का वीज़ा दे दिया गया है.

ब्रिटेन में रहने वाले 33 वर्षीय किम एरिस उस समय थाईलैंड में थे, जब आंग सान सू ची को 13 नवंबर को रिहा किया गया था.

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता सू ची अब 65 वर्ष की हो गईं हैं. वे पिछले 21 सालों में से 15 साल नज़रबंद रही हैं.

आंग सान सू ची ने अपने छोटे बेटे किम या बड़े बेटे एलैक्ज़ेंडर को पिछले 10 साल से नहीं देखा है.

सू ची के नाती पोते भी हैं, जिन्हें वे कभी नहीं देख पाई हैं.

सू ची के वकील न्यान विन ने बीबीसी को ये जानकारी दी है कि किम एरिस को बर्मा सरकार ने वीज़ा दे दिया है.

मिलन

न्यान विन का कहना है कि एरिस मंगलावार की सुबह रंगून पहुंच जाएंगे.किम एरिस का ये कहना था कि वे अपनी मां से मिलने के लिए बहुत उत्साहित हैं.

उनका कहना था कि उनकी मां उन्हें लेने के लिए रंगून के हवाई अड्डे पर आना चाहती है.

आंग सान सू ची दिसंबर 2000 में अपने बेटे किम एरिस से मिलीं थी.उसके बाद किम एरिस को कभी भी बर्मा में प्रवेश की अनुमित नहीं दी गई.

सू ची को इस महीने देश में 20 साल बाद हुए पहले आम चुनावों के एक हफ़्ते बाद रिहा कर दिया गया था.

बैंकॉक स्थित ब्रितानी दूतावास का कहना है कि किम एरिस ने रिहाई की शाम को ही अपनी मां से टेलिफ़ोन पर भावपूर्ण बातचीत की थी.

सू ची के पति ब्रितानी बुद्धिजीवी थे, जिनकी सन 1999 में मृ्त्यु हो गई थी.कैंसर से जूझते उनके अंतिम क्षणों में भी बर्मा की सैन्य सरकार ने उन्हें अपनी पत्नी से मिलने की अनुमति नहीं दी थी.

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