श्रीलंका में सामूहिक कब्र की जांच

श्रीलंकाई सेना के जवान
Image caption श्रीलंकाई सेना ने 2009 में तमिल विद्रोहियों पर जीत हासिल की.

श्रीलंका के उत्तर-पश्चिमी इलाके में सेना के जवानों की सामूहिक कब्रें मिलने की खबर के बाद फोरंसिक विशेषज्ञों का एक दल इसकी जांच के लिए निकल पड़ा है.

अधिकारियों का कहना है कि जेलों में कैद तमिल विद्रोहियों ने इस बात की जानकारी दी है कि इन कब्रों में उन 26 सैनिकों की अस्थियां हैं जिन्हें विद्रोहियों ने पकड़ा और गोली मार दी थी.

किलिनोच्ची और मुल्लाएतिवू ज़िलों की सीमा से सटे इस इलाके में सरकार की ओर से चिकित्सा अधिकारियों और क़ानून के जानकारों का एक दल भेजा गया है.

युद्ध अपराध

श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच लंबे समय से चल रहा गृहयुद्ध तमिल टाइगर्स की हार के बाद मई 2009 में ख़त्म हुआ.

समाचार एजेंसी एएफ़पी ने श्रीलंकाई सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल उदय मेदावाला के हवाले से बताया, ''जो जानकारी हमें मिली है उसके अनुसार सेना के इन जवानों को गोली मारी गई उनका दाह संस्कार किया गया और उनकी अस्थियों को सामूहिक कब्र के रुप में दफ़ना दिया गया.''

गृहयुद्ध खत्म होने के बाद सेना और तमिल विद्रोही एक दूसरे पर युद्ध अपराधों का आरोप लगाते रहे हैं.

मानवाधिकार संगठनों ने भी दोनों पक्षों पर आरोप लगाए हैं कि गृहयुद्ध खत्म होने के आख़िरी महीनों में व्यापक स्तर पर मानवाधिकारों का हनन हुआ.

श्रीलंका के तमिल समुदाय के प्रतिनिधित्व का दावा करने वाले तमिल टाइगर्स ने एक स्वतंत्र राज्य के लिए 25 साल तक संघर्ष किया.

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