न्यूज़ीलैंड के खदान में फंसे 29 मजदूरों की मौत

खनिकों के परिजन
Image caption खनिकों के परिजनों में मौत की खबर सुन कर शोक फैल गया

न्यूज़ीलैंड की एक भूमिगत कोयला खदान में पिछले पाँच दिनों से फंसे 29 मजदूरों को मृत घोषित कर दिया गया है.

पुलिस के मुताबिक बुधवार की सुबह खदान में एक और विस्फोट हुआ जिसके बाद किसी भी मज़दूरों के जीवित होने की आशा नहीं बची.

यह दुर्घटना पाईक रिवर कोयला खदान में हुआ है जो न्यूज़ीलैंड के एक दक्षिणी द्वीप पर स्थित है.

न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की ने कहा कि पूरा देश शोक में डूब गया है. उन्होंने बताया कि इस हादसे पूरी जाँच की जाएगी.

इससे पहले बीते शुक्रवार को खदान में पहला विस्फोट हुआ था तब से खनिकों से कोई संपर्क नहीं हो पाया.

खनिकों में 24 न्यूज़ीलैंड के, दो ऑस्ट्रेलिया, दो ब्रिटेन और एक दक्षिण अफ़्रीका के थे.

पुलिस अधीक्षक गैरी नोल्स इस बचाव दल का नेतृत्व कर रहे थे. उन्होंने संवाददाताओं को बताया, "स्थानीय समय 2 बज कर 23 मिनट पर खदान के अंदर एक और विस्फोट हुआ. हम मानते हैं कि इसके बात किसी के जीवित बचे रहने की उम्मीद नहीं रही.'

उनका कहना था कि एक पुलिस अधिकारी के रूप में यह उनके लिए सबसे दुखद घटनाओं में से एक रहा है.

बुधवार को बचावकर्मी खदान के अंदर जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन ऐसी जानकारी मिली कि खदान के अंदर मिथेन गैस का स्तर काफ़ी ऊँचा है.

शोक की लहर

अधिकारियों के मुताबिक यह विस्फोट शुक्रवार को हुए विस्फोट से ज्यादा शक्तिशाली है जो क़रीब 30 सेंकड तक रहा.

इस खबर के बाद खनिकों के परिवारवालों में शोक की लहर दौर गई.

पाईक रिवर कोल के मुख्य कार्यकारी पीटर व्हीटल ने बताया कि सभी खनिकों के शवों को निकालने की पूरी कोशिश की जाएगी. खनिकों की उम्र 17 से 62 वर्ष के बीच थी.

हाल में ही चिली में हुई एक खान दुर्घटना में 33 खनिक 69 दिनों तक खदान में फंसे रहे थे.

बाद में एक शाफ्ट को ड्रिल कर खदान के भीतर भेजा गया और उन्हें बाहर निकाला गया.

चिली की ये दुर्घटना एक चट्टान खिसकने से हो गई थी जिससे खनिकों के बाहर आने का रास्ता बंद हो गया था.

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