कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ा

  • 27 नवंबर 2010
दक्षिण कोरियाई सैनिक
Image caption दक्षिण कोरिया में अपने द्वीप पर उत्तर कोरिया के हमले के बाद से ग़ुस्सा बढ़ता जा रहा है

उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर आरोप लगाया है कि वो अपने एक द्वीप पर सैनिक ठिकानों को बचाने के लिए आम लोगों को ढाल की तरह इस्तेमाल कर रहा है.

उत्तर कोरिया ने गत मंगलवार इस द्रीप पर गोलाबारी की थी जिसमें दक्षिण कोरिया के दो सैनिक और दो आम नागरिक मारे गए थे.

इन दो सैनिकों की शनिवार को अंत्येष्टि हुई जिस दौरान दक्षिण कोरिया ने कहा कि इन मौतों का बदला लिया जाएगा.

कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ता जा रहा है.

दक्षिण कोरिया और अमरीका रविवार से कोरिया के पास एक संयुक्त सैनिक अभ्यास शुरू करने जा रहे हैं.

इससे नाराज़ उत्तर कोरिया ने चेतावनी दी है कि यदि उसकी सीमा का उल्लंघन हुआ तो वो जवाबी हमला करेगा.

आरोप

दक्षिण कोरिया और अमरीका रविवार से संयुक्त सैनिक अभ्यास शुरू करनेवाले हैं और इसके कुछ घंटे पहले उत्तर कोरिया ने ऐसे आरोप लगाए हैं जिनसे दक्षिण कोरिया का ग़ुस्सा और बढ़ेगा.

उत्तर कोरिया ने कहा है कि दक्षिण कोरिया मंगलवार को हुए हमले में हताहत हुए आम लोगों की घटना को प्रचार के लिए इस्तेमाल कर रहा है.

उसके अनुसार दक्षिण कोरिया ऐसी छवि पेश करना चाह रहा है कि आम लोग लगातार हो रही गोलाबारी के सामने बेबस निरूपाय खड़े थे और हमले का निशाना बन गए.

इस हमले के बारे में दक्षिण कोरिया का कहना है कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के उनके दो आम नागरिक मारे गए जो वहाँ काम कर रहे थे.

हमले में दो युवा मरीन सैनिक भी मारे गए.

बदला

शनिवार को हमले में मारे गए सैनिकों की अंत्येष्टि की गई और इसका देश के टीवी चैनल पर सीधा प्रसारण किया गया.

देश के प्रधानमंत्री और तमाम बड़े सैन्य अधिकारी वहाँ मौजूद थे.

मारे गए सैनिकों के कमांडिंग ऑफ़िसर मेजर जनरल यू नाक ह्यून ने वहाँ अपने लोगों की मौत का बदला लेने की कसम खाई.

मेजर जनरल यू नाक ह्यून ने कहा,"दक्षिण कोरिया के सैनिक और सुरक्षा इस क्रोध और शत्रुता को अपनी हड्डियों में बसा चुके हैं और हम ये सुनिश्चित करेंगे कि हम उत्तर कोरिया से बदला लें."

अभ्यास

दक्षिण कोरिया और अमरीका के बीच चार दिनों तक होनेवाले सैन्य अभ्यास में अमरीकी युद्धपोत विमान जॉर्ज वाशिंगटन और उसके बेड़े में शामिल लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे.

दक्षिण कोरियाई सेना के एक प्रवक्ता ली बंग वू ने कहा है कि अभियान का उद्देश्य उत्तर कोरिया को और हमले करने से रोकना है.

प्रवक्ता ने कहा,"इस अभ्यास का उद्देश्य उत्तर कोरिया से बचाव की हमारी क्षमता और इस क्षेत्र में हमारी सुरक्षा को मज़बूत करना है, हम इससे अमरीका-दक्षिण कोरिया सहयोग को भी बढ़ाना चाहते हैं और दिखाना चाहते हैं कि हमारी साझेदारी कितनी महत्वपूर्ण है."

मगर उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए पर उत्तर कोरिया की ओर से दी गई चेतावनी में कहा गया है,"अगर अमरीका पश्चिमी कोरियाई सागर में अपने बेड़े लाता है, तो फिर इसकी परिणति क्या होगी ये कोई नहीं कह सकता."

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार