मिस्र: हिंसा के माहौल में मतदान शुरु

मिस्र में चुनाव

मिस्र में संसदीय चुनाव के लिए मतदान शुरु हो गया है. इससे पहले चुनाव प्रचार के दौरान विपक्षी पार्टी 'मुस्लिम ब्रदरहुड' और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़पे हो चुकी है.

ये उम्मीद की जा रही है इस चुनाव में राष्ट्रपति होस्नी मुबारक की सत्ताधारी पार्टी एनडीपी को आसानी से जीत हासिल हो जाएगी.

वहीं देखने लायक एक बात ये होगी कि मुख्य विपक्षी पार्टी के रुप में मुस्लिम ब्रदरहुड अपने स्थान पर बरक़रार रह पाती है या नहीं.

वर्ष 2005 में हुए चुनाव में मुस्लिम ब्रदरहुड पार्टी के समर्थकों ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था और 20 प्रतिशत सीटें जीती थीं.

इस चुनाव में 4.20 करोड़ लोग अपने मत का इस्तेमाल कर सकते हैं और इन चुनाव का नतीजा आने में कई दिन लग जाएगें.

नई संसद में 518 सदस्य होंगे जिनमें से 508 को जनता चुनेगी और 10 सांसदो की नियुक्ती राष्ट्रपति करेंगे.

चुनाव को लेकर आलोचना

इसमें से 254 संसदीय क्षेत्र ऐसे हैं जिनमें हर सीट का दो सांसद प्रतिनिधित्व करेंगे. इनमें से एक समूह किसानों-कामगारों का होगा और दूसरा समूह पेशेवर लोगों का होगा.

मिस्र के संविधान के अनुसार पहले समूह की संख्या कुल सांसदों की संख्या की आधी होगी.

इस चुनाव में जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 50 प्रतिशत वोट जीतने होंगे.

काहिरा में मौजूद बीबीसी संवावदाता जॉन लेयन का कहना है कि जिस तरह से ये चुनाव हो रहे है उसकी आलोचना भी हो रही है.

जॉन लेयन के अनुसार कई सीटों पर वहां की अदालत ने चुनाव को स्थगित करने का आदेश दिया है क्योंकि वहां विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवारों के नाम अवैध तरीके से मतदान पत्र में छापे ही नहीं गए.

आधिकारिक तौर पर 'मुस्लिम ब्रदरहुड' पर प्रतिबंध लगा हुआ है, इसलिए इस पार्टी के समर्थक निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ते है.

वहीं ब्रदरहुड सरकार पर डराने-धमकाने का आरोप लगाती रही है और आंशका जताई जा रही है कि इसीलिए उसे कई सीटें गँवानी पड़ें.

कुछ प्रेषकों का मानना है कि सत्ताधारी पार्टी को इतनी भारी बहुमत से जीत भी मिल सकती है कि इससे इन चुनावों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हो जाए.

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